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बिहार के राजेडी सांसद साधु यादव को जमानत |
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पटना हाईकोर्ट ने बाढ़ राहत घोटाले के रुपये से ओपेल आस्ट्रा की कागजी खरीद से संबंधित मामले मे
पटना हाईकोर्ट ने बाढ़ राहत घोटाले के रुपये से ओपेल आस्ट्रा की कागजी खरीद से संबंधित मामले मे गुरुवार को गोपालगंज के राजद सांसद अनिरुद्ध प्रसाद यादव उर्फ साधु यादव को जमानत दे दी। श्री यादव 4 दिसम्बर से न्यायिक हिरासत मे बेऊर जेल मे बंद रहे है। सुप्रीम कोर्ट से एक दिसम्बर को अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उन्होने विजिलेस की विशेष अदालत मे आत्मसमर्पण किया था। इधर विजिलेस इस मामले मे चार्जशीट की तैयारी मे है। एजेसी के एक वरीय अधिकारी के अनुसार अब ट्रायल मे ही सब कुछ निपटेगा। हाईकोर्ट की न्यायाधीश मृदुला मिश्रा की खंडपी ने जमानत दी। उन्होने श्री यादव की तरफ से वरीय अधिवक्ता गणेश प्रसाद सिंह एवं निगरानी के अधिवक्ता यदुवंश गिरि की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने मामले को गंभीर नही मानते हुए आरोपी को जमानत पर छोड़ने का निर्देश जारी किया। श्री यादव पर आरोप है कि उन्होने दिल्ली निवासी सुमित रंजन जेना से ओपेल आस्ट्रा कार सिर्फ एक लाख रुपये मे खरीदी। यह खरीद सिर्फ कागजो पर हुई और आज की तारीख मे भी यह महंगी कार आईसीआईसीआई बैक व जेना की संपत्ति है। विजिलेस के अधिवक्ता ने भी बहस के दौरान खंडपी को बताया कि वस्तुत: राहत घोटाले के रुपये को छुपाने के लिए श्री यादव ने इस कागजी खरीद का सहारा लिया। राहत घोटाले के किंगपिन संतोष झा के खाते से श्री यादव के खाते मे 6 लाख रुपये आने की बात साबित है। अपने बचाव मे श्री यादव ने तर्क दिया कि ये ओपेल आस्ट्रा की बिक्री के रुपये है, जो संतोष के पिता भगवान लाल झा के हाथो बेची गयी। लेकिन भगवान झा कार खरीदने की बात नकार चुके है। सांसद पर यह भी आरोप है कि उन्होने पटना जिला परिवहन कार्यालय मे जालसाजी व धोखाधड़ी करा इस कार को अपने नाम कराया। इस मामले मे तत्कालीन डीटीओ अभी जेल मे है। विजिलेस की विशेष अदालत ने जालसाजी के मामले मे साधु यादव के खिलाफ 25 नवम्बर को गिरफ्तारी व कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट द्वारा श्री यादव को जमानत पर छोड़े जाने का विरोध करते हुए विजिलेस के अधिवक्ता श्री गिरि ने कहा कि इसी मामले मे पटना जिला परिवहन पदाधिकारी की नियमित जमानत खारिज हो चुकी है। परिवहन कार्यालय के रिकार्ड को देखने से पता चलता है कि सरकारी कागजातो के साथ छेड़छाड़ हुई है। दूसरी ओर आवेदक के अधिवक्ता श्री सिंह का कहना था कि कार के मालिकाना हक को लेकर इसे नाहक बाढ़ राहत घोटाला से जोड़ा जा रहा है। उनके मुवक्किल का बाढ़ राहत कार्यक्रम से दूर-दूर का वास्ता नही रहा। न तो ये अधिकारी थे, न ही आपूर्तिकर्ता। अदालत ने श्री यादव के अधिवक्ता के तर्को के प्रति संतुष्टि जाहिर की और श्री यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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