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भाजपा सांसदो से मिले पीएम |
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भारत-अमेरिकी एटमी करार को परिचालन की स्थिति मे लाने के लिए द्विपक्षीय बातचीत की दिशा मे चल रहे प्रयासो के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वरिष् भाजपा नेताओ से भेट की।
प्रयासो के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वरिष् भाजपा नेताओ से भेट की।
मनमोहन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और अन्य वरिष् भाजपा नेताओ को विदेश नीति के तहत उ ाए गए विभिन्न कदमो से अवगत कराया।
प्रधानमंत्री के निवास पर दोपहर के भोज के समय हुई इस मुलाकात मे जसवंत सिंह और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार ब्रजेश मिश्र ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री की सहायता के लिए विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायण और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन भी वहां मौजूद थे।
इस मामले मे गलतफहमी और गलत आशंकाओ को दूर करने के उद्देश्य से की गई प्रधानमंत्री की यह कवायद विरोधी दल के नेता लालकृष्ण आडवाणी के संप्रग सरकार पर आरोप लगाने के कुछ दिन के अंदर ही की गई। आडवाणी ने अपने आरोपो मे कहा था कि सरकार परमाणु समझौते पर अमेरिका की शर्ते स्वीकार करके भारत को अमेरिका का पिछलग्गू देश बना रही है।
आडवाणी ने यह भी आरोप लगाया था कि एक बार करार हो जाने का मतलब होगा कि भारत के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम, उसकी वापसी और अंतत: परमाणु हथियार कार्यक्रम की समाप्ति तथा उसके परमाणु स्वराज का खात्मा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने परमाणु परीक्षण करने के विकल्प को बंद नहीं करेगा और अगर भविष्य मे कोई ऐसी स्थिति पैदा होती है तो वह इसमे नहीं हिचकिचाएगा। इसके साथ ही उन्होने कहा कि एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र होने के नाते भारत परमाणु परीक्षण पर स्वेच्छा से एकतरफा रोक की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा।
समझा जाता है कि बातचीत मे भारत-पाक संबंधो का मुद्दा भी उ ा। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी अप्रैल मे होने वाली दक्षेस बै क के लिए पाकिस्तानी नेताओ को आमंत्रित करने के लिए 13 जनवरी को इसलामाबाद जाएंगे जहां वह पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और प्रधानमंत्री खुर्शीद मोहम्मद कसूरी से मिलेगे। भाजपा नेताओ ने सरकार से जिन अन्य मुद्दो पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा उनमे चीन से हुई वार्ता मे प्रगति, ईरान और इराक के घटनाक्रम और पड़ोसी देशो से जुड़े मामले शामिल है।
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