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लोक सभा सांसद ः लालकृष्ण आडवानी का बयान मुसलिम तुष्टिकरण |
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मुजफ्फरनगर। सद्दाम हुसैन को फांसी देने के मसले पर सीधी टिप्पणी से बचते हुए पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने
कहा कि इस मसले पर हमारा (भारत) बयान देना उतना ही आपत्तिजनक है, जितना अफजल गुरु को फांसी के मसले पर पाकिस्तान का बोलना। यही वजह है कि भाजपा के किसी भी नेता ने इस मसले पर कोई बयान नही दिया है। अन्य दलों के नेता महज मुसलिम तुष्टिकरण के लिए विरोध मे बयान दे रहे है।
मेर रोड स्थित मूलचंद रिसोर्ट्स पर अपने परिवार के साथ सुबह का नाश्ता करते समय 'दैनिक जागरण' के साथ अनौपचारिक बातचीत मे आडवाणी ने कहाकि सद्दाम को फांसी के बाद सारी दुनिया मे उ े प्रतिक्रियाओ के तूफान पर आडवाणी ने कहा कि कम से कम भारत द्वारा तो इस मसले पर कोई टिप्पणी नही की जानी चाहिए। केद्र सरकार को समर्थन दे रहे वामदलो, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य दलो द्वारा भी सद्दाम की फांसी की भर्त्सना किए जाने पर आडवाणी ने कहा कि ये सभी दल इसलिए सद्दाम के हिमायती नही बन रहे है कि उन्हे इराक के पूर्व राष्ट्रपति से कोई हमदर्दी है, बल्कि ये मुसलमानो की भावनाओ को कैश करना चाहते है। मुसलिम सेटीमेट्स को वोट के रूप मे भुनाने के लिए ये सब हो रहा है।
sourec:- Dainik Jagran
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