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सांसदजी-अटल के 'आशीर्वाद' पर टिकी है आस |
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बीजेपी के लिए आनेवाला साल कैसा रहेगा? इसका ोस जवाब
बीजेपी के लिए आनेवाला साल कैसा रहेगा? इसका ोस जवाब तो उत्तरांचल, पंजाब व यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही मिलेगा। लेकिन अभी बीजेपी नेताओं के हौसले बुलंदी पर हैं। हो भी क्यों ना... 'संत' अटल ने कह दिया है 'लक नाऊ'। बीजेपी हलकों में अटल की शब्दों से खेलने की इस कला को 'देववाणी' की तरह लिया जा रहा है। वे इसे वर्षों पहले बीजेपी की स्थापना के वक्त अटल की उस चर्चित भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं, जब उन्होंने कहा था, सूर्य उगेगा, कमल खिलेंगे। वैसे पार्टी के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं लेकिन पता नहीं क्यों, बीजेपी नेताओं को लगता है कि अटल के 'आशीर्वाद' से पार्टी आनेवाले साल में खूब फलेगी।
अटल ने साल के अंतिम सप्ताह में लखनऊ में हुए पार्टी के ३ दिन के सम्मेलन के समापन पर लखनऊ का 'लक नाऊ' के रूप में विग्रह किया था। पार्टी के लोग इसका गहरा मतलब निकाल रहे हैं। उनका मानना है कि अटल ने इशारा किया है कि बीजेपी का भाग्योदय फिर शुरू हो गया है। उनका 'लक नाऊ' बीजेपी हलकों में सबकी जबान पर चढ़ गया है।
बीजेपी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद कहते हैं, 'नए साल में पार्टी को अटल जी का आशीर्वाद मिल चुका है। हर कदम पर सफलताएं कदम चूमेंगी।' पार्टी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी इसमें कोई संदेह नहीं है कि बीजेपी का टाइम अब बदल रहा है। बकौल आडवाणी लखनऊ में ७- ८ महीने पहले बीजेपी कहीं दिखाई नहीं दे रही थी लेकिन अब एकाएक वह चमक बिखेरने लगी है।
बीजेपी के कार्यकर्ताओं के मन पर 'कमल संदेश' के ताजा अंक का भी प्रभाव है। वाजपेयी ने कहा भी, 'एक बार फिर पार्टी में पहले जैसा माहौल हो। आपसी मतभेद भुलाकर सभी हंसते-हंसाते नजर आएं।' बहरहाल, अटल का 'लक नाऊ' अगर सच होता है तो नए साल में पार्टी की बल्ले-बल्ले तय है।
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