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सांसदजी की टीम उडीसा के दौरे पर |
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देश के ग्रहमंत्री शिवराज सिहजी को देश की हिसां मे सबसे ज्यादा उडीसा संवेदनसील लगा ,काशमीर की कोई चि्ता नही , बिहार की गिनती उडीसा हिसा का मुख्य बिन्दु ईसाइयो की आबादी होना है , उडीसा मे गरीबी पर किसी का ध्यान नही गया , ३० फीसदी बहुत गरीब है , जिनकी कभी चिता नही की गई जिनका फायदा उठा कर मिशनरीयो ने उन्हे ईसाइ धर्म से जोड दिया , पर रोजगार नही दिया मिशनरीयो ने लोभ तो बहुत दिया था ।
ईसाइ धर्म से जुडने बाले बीच मे लटक जाते है न वो हिन्दु रह जात है न ही ईसाइ धर्म की मुल भावना से जुड पाते है जिससे वो अपने आप को ठगा सा पाते है , ईसाइ धर्म को स्वीकार कर चुके लोगो को कुछ हिन्दु सामाज सेवी उन्हे वापस आने का न्योता देते है तो ईसाइ धर्म के धर्मगुरूऔ को सहन नही होता और वे हिन्सा पर उतर आते है जिससे तनाव की स्थिति होती है जो उग्र रुप लेते जा रही है अभी हाल की धटना जिसमे माओवादी ने हत्या की जिम्मेदारी ली है पर मुल मे धर्म परिर्वतन ही मुद्दा है माओवादी को ईसाइऔ का भी मुक सर्मँथन माना जाता है |