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आज के भारतीय राजनीति के चाणक्य का सु्र्य डुब गया |
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और स्वतंत्रता सेनानी हरकिशन सिंह सुरजीत नही रहे जो कभी सांसद तो नही रहे पर हमेशा सांसदो को जोडने मे लगे रहे .
जिनके कारण से तीसरा मोर्चा जैसा शब्द भारत की जनता ने जाना . वो सरदार भगत सिहं से प्रभावित रहे . और अग्रेजो से लोहा लिया बाद मे कम्युनिस्ट पार्टी के मेम्बर बने , आप ने जा जिन्दगी गरीबो , किसानो के लिये लडाई लडी . भाजपा एवं काग्रेस के विक्लप के तौर पर तीसरे मोर्चा के गठन मे केन्द्रीय भुमिका मे रहे । करात उनके सचे वारिस के तौर पर उभरे जिनके आसपास अभी भारत की पुरी राजनीति धुमती रही , |