|
सांसदजी को ३ करोड्, मरने बाले को १ लाख , पोटा की माँग , |
|
|
केन्द्र ने अहमदबाद एवं बेगलुर मे आंतकवाकीओ के हाथो मारे गये मासुमो को मुआवजे के तौर पर मात्र १ लाख दिये जा रहे है जो मजाक से कम नही है .जबकि चद्रं दिन पहले काँग्रेस सरकार पर बलिदान होने बाले सांसदजीओ को ३ करोड् से २५ करोड् से नबाजा गया ,(see pic with Full Image )
सरकार की नाईसाफी कहिये या नकामी , जब जब किसी भी शहर पर आम जनता पर हमला होता है तब तब केन्द्र हमेशा की तरह मुआवजे की राशी साधारण धटना की रहत तय कर देती बाकी प्रदेश को अपने हाल पर छोड् दिया जाता है मात्र ए कहके कि हमने पहले से चेताया था और बात खतम . पुर्व मे जितने भी हादसे हुये है आज तक सरकार का रुख हमेशा की रतह नरम रहता है कोई कड़े कानुन बनाने की पहल नही की जाती ,भाजपा के आडवानीजी ने पोटा लागु करने की माँग की पर शायद कुछ संभव हो . मुआवजा कोई हल नहि है सांसदजी कोई ऐसे कदम ऊठाने चाहिये जिससे बेखोफ हो चुके लोगो पर लगाम लगाई जा सके . जो शायद कानुन क साथ साथ कडे कदम उठाने होगे जैसे की पुराने पकडे गये आंतकवादीओ को तुरंत सजा देके ॆ आंतकवाद का कौई धर्म नही होता इतनी सी बाता लोगो के साथ सरकार को भी समझना चाहिये. पर सरकार धर्म को परिमाषा को आंतक की नजर से देख रही है जिससे आतकी सरगनाओ के हौसले काफी हद तक बुलंद हो रहे , तमाम सांसदजी को अपने अपने चुनावी नजरीये से अलग देखना होगा । शायद जे संभब नही है . जिससे आज नही कल हमारी बारी आ सकती है . |