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नये प्रधानमंत्री की सुगबुगाहट |
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भगवान बुद्ध ने कहा था कि माया ही आदमी की सबसे बडी कमजोरी है , शायद उस समय लोगो की समझ कितनी थी ठीक से अनुमान नही है पर आज के दौर में मायामेम साहब क्या न कर जाय .राम के साथ भगवान बुद्ध भी शायद सोच मे पड जाये . खैर .मायावती देश की नयी प्रधानमंत्री बनने जा रही है ?
शायद पर भाजपा के लोग बनने तो देगे पर एक दिन के लिये , प्रधानमंत्री की कुर्सी है बही चाशनी वाली , सो वो भाजपा के राणनितीकारो के साझे मे आगयी . सभी कुछ दल छोड के उनहे की नये प्रधानमंत्री के रुप में देख रहे है , सरकार का कुछ खेल अगर बिगड रहा है तो परीसीमन का हाथ भी कम नही . सांसदजी की धबराहट तो इसी मे है कि अगली पारी का क्या होगा . सपा के सांसदजीऔ को तो माया की माया से राज्यसभा का रास्ता दिख रहा बात आगे की है . .पर कांग्रेस के राणनीतिकार कम नही है . कुछ तो सोच रखा होगा नही तो इतना दम नही भरते . सबसे ज्यादा कोई नुकसान मे रहेगा तो वो लाल है . खैल बिगाड लाल ही रहे है पर वो लाल निशान पर ही करोबार करेगे. । . आडवानी जी दोनो हाथो मे लड्डु है किसको बाँटे किसको खाये। |