मेन मीनू

मुख्य पृष्
सांसद समाचार
सांसदनामा
खोंजें
संपक॔ करें
सम्पादकीय
जन्मदिन (आज )
साइटमैप (Sitemap)
समय चक़

 

 महात्मा गाँधी 

  Gandhi

     श्रद्धेय

    राष्ट्रपिता

 

  

चुनाव की धक धक

चुनाव आयोग

missing kids

गुमे हुये बच्चो

की सहायता करे

मुफ्त हिन्दी सीखे

लोकसभा -सीधा प्रसारण

सर्वोच्च नागरिक

१३ वी राष्ट्रपति

 Pratibha Patil

श्रीमती प्रतिभा पाटिल

१३वे उपराष्ट्रपति

hamid ansari

श्री हामिद अंसारी

 

 

 
सांसदजी को राजनीति का पाठ दादी की गोद से मिला E-mail

कांग्रेस महासचिव सांसदजी, राहुलजी को दादी इंदिरा गांधी से गोद में सीखे राजनीति के दाव प्रेंच

 
श्री गांधी ने यहां “संस्कार वैली स्कूल” के दो छात्रावासों के उद्घाटन समारोह में अपने जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख किया।

पहली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले उनका मुकाबला एक मुक्केबाज से हुआ। वह मुक्केबाज काफी मजबूत और ताकतवर था और उनके जीतने की कोई संभावना नहीं थी लेकिन अपनी मजबूत इच्छा शक्ति के चलते वह आखिरकार जीत गए। उन्होंने कहा कि हम पक्के इरादों को जीवन के अन्य पहलुओं पर लागू कर जिंदगी को सफल बना सकते हैं।

श्री गांधी ने स्कूली बच्चों को दूसरी सलाह में कहा कि वे मुश्किल हालातों में भी अपना धैर्य और हिम्मत नहीं खोएं और परिस्थतियों का बहादुरी से सामना करें। उन्होंने एक दूसरी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे छह साल के थे, तब उनकी दादी स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी ने उन्हें अंधेरे में नहीं डरने की सलाह दी थी। तभी से उन्होंने इस पर अमल किया और अंधकार के डर से आजाद हुए।

अपने स्कूल के दिनों की एक तीसरी घटना का जिक्र करते हुए श्री गांधी ने कहा कि वह अपने अध्यापकों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछा करते थे और अध्यापक उनकी तमाम जिज्ञासाओं को शांत करते थे। उत्तर तत्काल नहीं दे पाने की स्थिति में वह बाद में जबाब देते थे। उन्होंने कहा कि इससे यह सीख ली कि आदमी को विभिन्न विषयों की जानकारी के लिए अपना दिमाग हमेशा खुला रखना चाहिए।

इसके पूर्व कांग्रेस के युवा नेता ने लगभग आधा घंटे से अधिक समय तक छात्रों के सवालों के जवाब दिये और “क्षितिज” और “प्रेरणा” नाम के दो छात्रावासों का उद्घाटन किया।
 
< िपछला   अगला >