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परमाणु समझौते पर कम्युनिस्टो की चेतावनी के बावजूद कांग्रेस सांसदजी अहमद पटैल का कहना है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को कोई ख़तरा नहीं है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने गुजरात के वडोदरा शहर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि परमाणु समझौता देशहित में है और देश की ऊर्जा ज़रूरतों के मुद्दे पर ध्यान देना आवश्यक है. अहमद पटेल वडोदरा के निकट रेल मंत्रालय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे. उनका कहना था कि परमाणु समझौते को लेकर उठे विवाद पर वामपंथी दलों के साथ बातचीत के दरवाज़े खुले हुए हैं और यह मुद्दा बातचीत से सुलझाया जा सकता है. दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने परमाणु समझौते के मुद्दे पर सरकार से समर्थन वापस लेने की सीपीएम की चेतावनी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी.  |  परमाणु समझौता देशहित में है और देश की ऊर्जा ज़रूरतों के मुद्दे पर ध्यान देना आवश्यक है  अहमद पटेल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता |
कांग्रेस के प्रवक्ता ने सीपीएम के उस आरोप को ठुकरा दिया कि समझौते पर आगे बढ़ने से सांप्रदायिक ताकतों को मदद मिलेगी. सीपीएम की ताज़ा चेतावनी के बारे में उनका कहना था कि इसमें कुछ नया नहीं है, लंबे समय से वामदलों का यही रुख़ है. शकील अहमद इस बात से भी असहमत थे कि कांग्रेस नेतृत्व ने मूल्य वृद्धि को कम करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं. उनका कहना था कि सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को कम करने के लिए अनेक क़दम उठाए हैं. ये सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि भारत में अन्य एशियाई देशों की तुलना में मूल्य वृद्धि काफ़ी कम हुई है. ग़ौरतलब है कि सीपीएम ने रविवार को पोलित ब्यूरो की दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद स्पष्ट कह दिया था कि सरकार ने अगर परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने की ग़लती की तो समर्थन वापस ले लिया जाएगा. सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत ने बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए ये स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी दूसरे वामपंथी दलों के साथ बात करके ही सरकार से समर्थन वापस लेगी. Detials News- BBC - hindi |