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'सरकार आगे बढ़ी तो समर्थन वापस ले लेंगे' |
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| | | | आखिरकार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने परमाणु करार के मुद्दे पर सरकार के सामने लक्ष्मण रेखा खींच ही दी. |
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दिल्ली में बैठक के बाद स्पष्ट कह दिया गया है कि सरकार ने अगर परमाणु करार पर आगे बढ़ने की ग़लती की तो समर्थन वापस ले लिया जाएगा. सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वाममोर्चे के प्रमुख घटक सीपीएम ने इस फ़ैसले के साथ ही परमाणु करार पर केंद्र सरकार से किसी भी तरह की रजामंदी की संभावना को विराम लगा दिया है. हालांकि पार्टी महासचिव प्रकाश कारत ने रविवार की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी दूसरे वामपंथी दलों के साथ बात करके ही सरकार से समर्थन खींचेगी. परमाणु समझौते को लेकर मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के साथ जारी गतिरोध के बीच सीपीएम के पोलित ब्यूरो की रविवार को बैठक हुई. |