|
सरकार ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के वेतनों में सौ प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फ़ैसला किया है. कैबिनेट ने इस संबंध में एक प्रस्ताव को अनुमति दे दी है.
इस प्रस्ताव के पारित किए जाने के बाद अब राष्ट्रपति का मासिक वेतन एक लाख रुपए हो जाएगा. संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में फ़ैसला किया गया. इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब उपराष्ट्रपति की तनख्वाह प्रतिमाह 85 हज़ार हो जाएगी जो पहले 40 हज़ार थी. इसके साथ ही राज्यपालों की मासिक आय 36 हज़ार से बढ़कर 75 हज़ार हो जाएगी. वेतनों में ये बढ़ोतरी पिछले साल एक जनवरी से मानी जाएगी. यह बढ़ोतरी इसलिए भी ज़रुरी हो गई थी क्योंकि सासंदों को अब 68 हज़ार रुपए मिलते हैं जबकि उपराष्ट्रपति का वेतन इससे कम था. इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपतियों को दिया जाने वाला भत्ता भी दोगुना कर दिया गया है. इनता ही नहीं पूर्व राष्ट्रपति औऱ पूर्व उपराष्ट्रपति के बच्चों के लिए सुविधाएं और बढ़ाई गई हैं. दासमुंशी का कहना था कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन बढ़ाने का फ़ैसला पिछले साल ही लिया गया था लेकिन उसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों ही रिटायर हो गए, इसलिए फ़ैसला टाल दिया गया. |