मेन मीनू

मुख्य पृष्
सांसद समाचार
सांसदनामा
खोंजें
संपक॔ करें
सम्पादकीय
जन्मदिन (आज )
साइटमैप (Sitemap)
समय चक़

Engergy

परमाणु ऊर्जा

missing kids

गुमे हुये बच्चो

की सहायता करे

मुफ्त हिन्दी सीखे

लोकसभा -सीधा प्रसारण

महात्मा गाँधी

  Gandhi

     श्रद्धेय

    राष्ट्रपिता

सर्वोच्च नागरिक

१३ वी राष्ट्रपति

 Pratibha Patil

श्रीमती प्रतिभा पाटिल

१३वे उपराष्ट्रपति

hamid ansari

श्री हामिद अंसारी

 

 

 
सांसदजी राज्यसभा मे रो पडे E-mail
Pilania , Dr. Gyan Prakash मानव मुल्यो का जितना हनन हमारे यहाँ हुया है , उतना शायद कही नही हुया है , और तो और हमे मानव मुल्यो की बवाने कि लिये कानुन का सहारा लेना पड रहा है इस से ज्यादा दुख की बात क्या होगी कि बेटो से बुढे माँ बाप को सहारे के लिये कानुन का सहारा लेना पडेगा जिसके लिये कानुन बनाने की चर्चा करते समय भाजपा के भाजपा के डॉ. ज्ञानप्रकाश पिलानिया राज्यसभा मे रो पडे । राज्यसभा में गुरुवार एक भावुक नजारा उस समय देखने को मिला जब वरिष् नागरिकों के बारे में आए एक विधेयक पर चर्चा करते समय भाजपा के एक बुजुर्ग सदस्य फफक-फफककर रोने लगे।

माता-पिता एवं वरिष् नागरिक देखभाल और कल्याण विधेयक 2007 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के डॉ. ज्ञानप्रकाश पिलानिया इस बात का विशेष रूप से दुखी थे कि जिस देश में माता-पिता को देवता मानने की संस्कृति रही हो वहाँ अभिभावकों और वृद्धजनों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की जरूरत पड़ गई है।


उन्होंने भारतीय समाज में बुजुर्गों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए एक घटना सुनाई। इसमें एक घर के बच्चे अपने मकान में लगा आम का पेड़ इसलिए काटना चाहते थे क्योंकि उसमें आम आने बंद हो गए थे। उसी घर के एक बुर्जुग ने बच्चों का आम का पेड़ नहीं काटने की नसीहत देते हुए कहा कि यह पेड़ आम नहीं दे रहा है तो क्या है कम से काम छाँव तो दे रहा है।

पिलानिया यह घटना सुनाते-सुनाते फफककर रोने लगे। उन्होंने भरे गले से माँग की कि बुजुर्गों को कम से कम पेंशन और चिकित्सा सेवा का अधिकार अवश्य दिया जाना चाहिए।
 
< िपछला   अगला >