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प्रधानमंत्री ने सांसदो को परमाणु करार की हकीकत बताई |
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प्रधानमंत्रीजी चाहे कितना भी परमाणु करार पर सफाई दे , वाम हो या भाजपा सभी का एक सुत्री कार्यक्रम है विरोध करना , लोकसभा मे आज प्रधानमंत्रीजी ने करार के सभी तकनिकी पहलुओ सांसदजी को जबाब दिये, बताया की देश के लिये उर्जा कितनी आवशयक है , यह एक कडवा सच है कि हम उर्जा से चीन से बहुत पीछे है , अगर समय रहते इस पर आवशयक कदम नही उ ाये गये तो सारी की सारी योजनाये बेकार हो जायेगी ।
भारत-अमेरिका परमाणु समझौते पर सदन में विशेष चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए सिंह ने कहा कि भविष्य में यदि परमाणु परीक्षण करने की आवश्यकता पैदा होती है तो समझौते में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो हमें परीक्षण करने से रोकता हो।
प्रधानमंत्री ने यह घोषणा उस समय की जब विवादास्पद समझौते पर नियम 193 के तहत चर्चा के समय विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी अपनी बात रख रहे थे।
आडवाणी ने कहा कि अमेरिका के साथ 123 समझौते की शर्तें भविष्य में परमाणु परीक्षण करने पर बंदिश लगाती हैं। सिंह ने उन्हें बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ वही दोहराया है, जो भाजपा नीत राजग सरकार ने परमाणु परीक्षण करने पर अपनी ओर से रोक लगाने का किया था।
परमाणु करार देश को अस्वीकार : आडवाणी ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका के साथ 123 समझौता देश को अस्वीकार है और दीर्घकालिक हितों के लिए बहुत नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि राजग को यदि नया जनादेश मिलता है तो वह अमेरिका के साथ समझौते पर फिर से बातचीत करेगा और नुकसानदेह प्रावधानों को हटवाएगा। उन्होंने कहा कि यह यदि संभव नहीं हो सका तो समझौता निरस्त कर दिया जाएगा। news - bbc |