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नंदीग्राम में 'आतंक का जो माहौल है उससे निपटने की ज़रूरत है.' |
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सांसदजी , लालकृष्ण आडवाणी ने माँग की है कि नंदीग्राम के मुद्दे पर संसद का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वहाँ जाकर स्थिति का जायज़ा ले और केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल सरकार को वहाँ स्थिति बेहतर बनाने के आदेश दे.
सांसदजी ने संसद में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत केंद्र राज्य सरकार को स्थिति बेहतर करने के लिए आदेश दे सकता है. यदि तब भी स्थिति नहीं सुधरती तो केंद्र अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर सकता है यानी राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है."लोकसभा में आडवाणी ने अपनी पार्टी के नेताओं की नंदीग्राम यात्रा का ज़िक्र करते हुए कहा कि बलात्कार का शिकार हुई कई महिलाओं ने अपने दर्दनाक अनुभव बयान किए और कुछ ने तो यहाँ तक कहा कि 'हमें केवल इतना बता दें कि हमारे पति ज़िंदा हैं या नहीं.' आडवाणी ने कई बार कहा कि नंदीग्राम में 'आतंक का जो माहौल है उससे निपटने की ज़रूरत है.' इस विषय पर आडवाणी ने बहस की शुरुआत करते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के प्रमुख ने कहा है कि उन्हें राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा. आडवाणी ने ये भी कहा कि कई पत्रकारों ने उन्हें बताया कि उनके आने पर ही वे पहली बार नंदीग्राम जा पाए हैं. आडवाणी का कहना था कि राज्यपाल को दिल्ली बुलाया जाए और उनसे इस बारे में पूरी जानकारी ली जाए और उच्च न्यायालय ने जो राज्य सरकार को मुआवज़ा देने संबंधी जो आदेश दिए हैं उनका भी पालन हो. इस विषय पर लोकसभा में चर्चा अभी जारी है. |