सांसदजी, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में आपातकाल लगाने से राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का असली चेहरा बेनकाब हो गया है और भारत को कूटनीतिक पहल करके अपने पड़ोसी देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए प्रयास करने चाहिए। सिंह ने यहां विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन पूजन से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान में आपातकाल लागू करके राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपने मुंह पर पड़ा नकाब खुद-ब-खुद हटा दिया है और दुनिया उनकी असलियत जान चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान में लोकतंत्र बहाली के लिए पहल करते हुए कूटनीतिक प्रयासों के जरिये राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव डलवाना चाहिए। सिंह ने कहा कि भारत के अपने पड़ोसी देशों से सम्बंध ीक नहीं है और केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील ग बंधन सरकार हाथ पर हाथ रखे बै ी है। सरकार को पहल करके अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को सुधारना चाहिए। केंद्र की संप्रग सरकार के सहयोगी वामदलों को आडे़ हाथ लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वामपंथियों को भारत की नहीं बल्कि चीन के हितों की चिंता है। वामपंथी परमाणु करार का ईमानदारी से विरोध नहीं कर रहे हैं। भाजपा ने इस मसले पर संसद में नियम 184 के तहत बहस और मत विभाजन का प्रस्ताव रखा था, लेकिन वामपंथी इस पर सहमत नहीं हुए। इसका साफ मतलब है कि परमाणु समझौते को लेकर वामपंथियों की नीयत साफ नहीं है और वे देश को छल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वामदल अगर परमाणु समझौते के मुद्दे को संसद में सुलझाना चाहते हैं तो भाजपा इसी माह से शुरू हो रहे संसद के अधिवेशन में नियम 184 के तहत इस मामले पर मतविभाजन और बहस के लिए नोटिस देने को तैयार है। सिंह ने कहा कि समझौते को लेकर सरकार और वामदल बार-बार अपने बयान से पलट रहे हैं। इससे देश की जनता अब ऊब गई है। उन्होंने कहा कि वामदलों और संप्रग की अगुवाई कर रही कांग्रेस के बीच चल रही नूरा-कुश्ती का केंद्रीय सचिवालय में भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है और सरकार का कार्य धीमी गति से चल रहा है। कर्नाटक में सरकार बनाने की भाजपा की सम्भावनाओं के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी अपने सहयोगी जनता दल की पहल पर सरकार बनाने को तैयार हुई थी और दोनों दल बारी-बारी से सरकार बनाने के पूर्व निर्धारित फार्मूले पर ही कायम हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेकुलर) के नेता कर्नाटक में भाजपा के साथ गतिरोध के सिलसिले में बातचीत के लिए दिल्ली आएंगे। बाद में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शक्तिपी विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन व पूजन किया। |