|
काँग्रेस का डर रहा हावी , कर्नाटक मे पुनः सरकार |
|
|
भाजपा और जद फिर सरकार वनाईगे ,लगभग 1 माह की अनिशचयता से कर्नाटक सरकार उबर गयी बस एक छोटी सी मुलाकात , सांसदो के बीच राजनाथ ,देवगौडा ने , पुनः सोचा कि सरकार के वाकी बचे हुये दिन , दोनो मिलकर काँटे , काँग्रेस का गुस्सा स्वाभिक था ,चीन का दौरा महँगा पड गया , और भाजपा ने बाजी मार ली हो सकता था कि दोनो , भाजपा ,जद के विधायक पार्टी छोड सकते थे , दोनो के आलाकामान को भनक लग गई और वक्त रहते सही कदम उ ा लिया गया नही तो , दोनो को कई विधायक गँवाने पड सकते थे ।
भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से अपील की कि वे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफ़ारिश करें ताकि कर्नाटक में बहुमत वाली एक स्थायी सरकार की स्थापना हो सके.एदियुरप्पा ने राज्यपाल से कहा कि वे विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करने को तैयार है. भाजपा ने विधानसभा को दोबारा सक्रिय करने की माँग की है. एचडी कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद विधानसभा को भंग नहीं किया गया है और इसे निलंबित रखा गया है.दक्षिण भारत में भाजपा नेतृत्व वाली ये पहली ग बंधन सरकार होगी और इसके साथ ही राज्य में तीन हफ़्तों से जारी राजनीतिक उ ापटक का भी अंत होता नज़र आ रहा है. |