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सांसदजी ने अपने जन्मदिन पर काशमीरि पंडितो का घर वापसी के लिये जोर दिया |
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राज्यसभा सांसद , पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक डा. फारूक अब्दुल्ला शनिवार को वादी में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने और उन्हे उनके पैतृक घरों व जिलों में ही बसाए जाने पर जोर दिया। सांससदी का आज जन्मदिन भी है बैसे काशमीर मे सांसदजी का जलवा रहता है काशमीर की राजनिति मे सांसदजी का बहुत बडा हाथ है . आतंकवाद सांसदजी को हमेशा निशाना बनाने की फिराक मे रहता है बो तो खुदा का शुक्र है की हमेशा जीत सांसदजी की हुईः सांसदजी डाट काम की ओर से जन्मदिन मुबारक
सांसदजी आज यहां बर्बरशाह स्थित राममंदिर में नवमी के उपलक्ष्य में आयोजित पूजा के बाद उपस्थित कश्मीरी पंडितों को संबोधित कर रहे थे। डा. अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। कश्मीरी पंडितों की वापसी जरूरी है और यह हर कीमत पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीरियत आपसी सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है। इसे कुछ लोगों ने भंग करने का साजिश की थी, लेकिन तमाम मुश्किलात के बावजूद यह जिंदा रही है। नेकां संरक्षक ने कहा कि हालात फिर से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब यह फिर से खुशहाल कश्मीर होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह अपने घरों से बेघर हुए कश्मीरी पंडितों को वापस अपने घरों में बसाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नेकां कश्मीरी पंडितों की वापसी में हर प्रकार से सहयोग करेगी। लेकिन उन्हे अलग से कालोनियों में नहीं बसाया जाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह कश्मीरी पंडितों को उनके पैतृक घरों में बसाए। अगर यह अभी संभव नहीं है तो वह उन्हे संबंधित जिला अथवा तहसील मुख्यालय में अस्थायी तौर पर बसाए और जब हालात पूरी तरह सुधर जाएं तो उन्हे उनके घरों में भेजा जाए। |