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भारत के सांसदो ने पाकिस्तान मे आतकवाद की निंदा की |
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आडवाणी, सीपीएम ने की निंदा पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है.
इन धमाकों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत में विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने एक बयान में कहा, "बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले में हुए धमाकों की खबर सुनकर मैं भौचक्का रह गया. पाकिस्तान में लोकतंत्र स्थापित करने की बातें हो रही हैं. लेकिन एक पूर्व प्रधानमंत्री को देश वापस नहीं आने दिया गया और दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री के लौटने पर उनका स्वागत चरमपंथी हमले से हुआ है." आडवाणी ने कहा है, "ऐसा लगता है कि धमाके करने वालों ने तैयारी कर रखी थी कि अधिक से अधिक लोगों की जान जाए. वह भी एक ऐसे कार्यक्रम में जिसे पाकिस्तान में लोकतंत्र की वापसी माना जा रहा था. शुक्र है कि बेनज़ीर भुट्टो इस जानलेवा हमले में बच गईं."  |  ऐसा लगता है कि धमाके करने वालों ने तैयारी कर रखी थी कि अधिक से अधिक लोगों की जान जाए. वह भी एक ऐसे कार्यक्रम में जिसे पाकिस्तान में लोकतंत्र की वापसी माना जा रहा था. शुक्र है कि बेनज़ीर भुट्टो इस जानलेवा हमले में बच गईं  लालकृष्ण आडवाणी |
आडवाणी ने अपने बयान में कहा है कि ये घटना दर्शाती है कि लोकतंत्र के लिए जंग और आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग आपस में जुड़ी हुई हैं. वहीं मार्कस्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के पोलित ब्यूरो ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि इसके पीछे वहीं ताक़ते हैं जो नहीं चाहती कि पाकिस्तान में लोकतंत्र की वापसी हो. |