सवाल दो मु ी अनाज का है वो भी सरकारी कोटे का पश्चिम बंगाल में राशन की दुकानों पर अनाज की किल्लत से उत्पन्न संकट मामले में नया खुलासा करते हुए कृषि एवं खाद्यमंत्री शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि वहाँ राशन के लिए दिए गए अनाज को गैर कानूनी तरीकों से बांग्लादेश भेजने के कारण स्थिति खराब हुई है।
सांसदजी खुलासा किया कि केन्द्र ने राज्य सरकार को साफ-साफ हिदायत दी थी कि गरीबी रेख के ऊपर वालों के लिए जारी राशन के गेहूँ, चावल की अवैध बिक्री रोकी जाए। सांसदजी ने कहा कि अब इस मुद्दे पर कोई राजनीति का खेल कर रहा है तो उसमें उन्हें कुछ नहीं कहना है। पवार यहाँ विश्व खाद्य दिवस पर एक समारोह के बाद से बातचीत कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में राशन की दुकानों पर सामान न मिलने को लेकर जगह-जगह दंगे हो रहे हैं और कई जगह लोगों ने सत्तारूढ़ माकपा के कार्यकर्ताओं को गुस्से का निशाना बनाया है।
पवार का आज का बयान माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात के इस आरोप के बाद आया है कि केन्द्र ने राशन के लिए अप्रैल में गेहूँ, चावल का आवंटन घटा दिया जिससे राशन पर सारमान कम मिलने लगा।
उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश को मार्च 2007 में 98 हजार 112 टन गेहूँ तथा 20 लाख 29 हजार टन चावल मिला था, जबकि अप्रैल में यह मात्रा क्रमश: 49 हजार 40 टन और 7700 टन रह गई, लेकिन केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि राज्य सरकार को आवंटित अनाज में कमी नहीं है। राज्य सरकार वहाँ सरकारी अनाज की अवैध बिक्री रोकने में ढिलाई बरत रही है।
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