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पापा की हत्या चाचा ने ही की है |
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दिवंगत सांसदजी, प्रमोद महाजन की बेटी सोमवार को सेशन कोर्ट में गवाही के दौरान फफक पड़ीं। कोर्ट में खड़े अपने चाचा प्रवीण महाजन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, 'इसी व्यक्ति ने मेरे पिता की हत्या की है। मैं अदालत से न्याय चाहती हूं। इसी लिए आज मैं गवाही देने आई हूं।' पूनम अपने पिता की हत्या की सुनवाई के दौरान पहली बार कोर्ट में गवाही देने के लिए आईं थी।
दिवंगत सांसदजी की पुत्री पुनम महाजन उन्होंने कहा कि प्रवीण ने 15 अप्रैल 2005 उसके पिता को एसएमएस भेजकर मौत की बात कही थी। प्रवीण ने 'अब न होगी याचना, अब न होगी प्रार्थना, अब रण होगा, जीवन विजय के साथ या मरण होगा' संदेश भेजा था।' पूनम ने इस बात की भी पुष्टि की कि जिस नंबर से यह संदेश भेजा गया था वह प्रवीण का ही था। बचाव पक्ष के वकील हर्षद पोंडा ने कहा कि यह सब पंचनामा में दर्ज है पर पूनम के बयान में इस बात का जिक्र नहीं है कि उसने अपने पिता की व्यक्तिगत चीजें अपने पास रख ली हैं। पूनम ने अदालत को बताया कि पिता का मोबाइल फोन उसके पास है। उन्होंने कहा कि पिता की मौत के बाद उनकी घड़ी, मोबाइल फोन और पर्स अपने पास घर में रख लिया था। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को नहीं दी क्योंकि इसके बारे में पूछा ही नहीं गया। पूनम ने बताया कि इस वर्ष 12-13 अप्रैल को उसकी मां रेखा महाजन का फोन आया। मां ने उससे कहा कि क्या उसके पास इस बात की जानकारी है कि उसके पिता का मोबाइल फोन कहां है? इसके बाद पूनम ने इस मोबाइल को 15 अप्रैल को पुलिस को दे दिया। इसके बाद पुलिस के कहने के बाद उन्होंने मोबाइल चेक किया तो उसमें प्रवीण महाजन का एसएमएस पड़ा हुआ था। अदालत में गवाही के दौरान बचाव पक्ष के वकील हर्षद पोंडा ने पूनम से जानना चाहा कि क्या उनके जख्मी पिता को अस्पताल ले जाने के लिए पांच-छह लोगों ने उ ाया होगा। 'हां' में जवाब देने के बाद पूनम रो पड़ी। सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एस पी दवारे के सांत्वना देने पर वह बाहर चली गईं। इसके पूर्व पोंडा ने पूनम से उसके कंप्यूटर की जानकारी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उसे बहुत जानकारी तो नहीं है लेकिन वह इंटरनेट देख सकती है। पूनम ने अदालत को बताया कि मां की गवाही के समय वह उनके साथ थी लेकिन उसने साक्ष्य या गवाही के बारे में कोई बातचीत नहीं की थी। पूनम ने बताया कि पूर्णा इमारत की 11 मंजिल पर उनकी एक व्यायामशाला है जिसमें उनके परिवार के लोग आते रहते हैं। news - jagarn |