वामपंथी दलों ने भारत अमरीका परमाणु समझौते पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ताज़ा बयानों को ग बंधन धर्म की बहाली का संकेत बताया है और कहा है कि ये देश के लिए अच्छा है.जबकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समझौते पर वामदलों के विरोध को ग़ैरवाजिब मानने से इनकार किया और उनके साथ सामंजस्य बि ाने की ज़रुरत बताई.
मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी दोनों ने मध्यावधि चुनावों की अटकलों पर कहा है कि सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. प्रधानमंत्री ने कहा, " चुनाव अभी दूर हैं. सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी डेढ़ साल का वक़्त है. मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी."
मनमोहन सिंह ने कहा, " हमारी सरकार सिर्फ़ एक मुद्दे भर की नहीं है. अगर समझौता नहीं हुआ तो यह निराशानजक होगा. लेकिन जीवन में व्यक्ति ऐसी निराशाओं के साथ जीता है और फिर आगे बढ़ जाता है."
सोनिया गांधी ने भी मध्यावधि चुनावों की संभावना को नकार दिया.