सांसदजी एंव प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील ग बंधन यानी यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मध्यावधि चुनावों की अटकलों पर कहा है कि सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. और जनता के मत का सम्मान करेगी।
मनमोहन सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन में शुक्रवार को कहा कि उन्हें यकीन है कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत-अमरीका परमाणु समझौता परवान नहीं चढ़ा तो सब कुछ यहीं ख़त्म नहीं हो जाएगा. हालाँकि उन्होंने फिर दोहराया कि परमाणु समझौता 'गौरवपूर्ण' और 'भारत के लिए अच्छा है'. यक़ीन यह पूछे जाने पर कि परमाणु मुद्दे पर वामपंथी दलों के तेवरों को देखते हुए क्या चुनाव कभी भी हो सकते हैं, मनमोहन ने कहा, "चुनाव अभी दूर हैं. सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी डेढ़ साल का वक़्त है. मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी."  |  चुनाव अभी दूर हैं. सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी डेढ़ साल का वक़्त है. मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी  मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री, भारत |
यह पूछे जाने पर कि अगर समझौता नहीं हुआ तो क्या वे कमज़ोर प्रधानमंत्री की छवि बन जाने को लेकर चिंतित हैं, मनमोहन ने कहा, "हमारी सरकार सिर्फ़ एक मुद्दे भर की नहीं है. अगर समझौता नहीं हुआ तो यह निराशानजक होगा. लेकिन जीवन में व्यक्ति ऐसी निराशाओं के साथ जीता है और फिर आगे बढ़ जाता है." सम्मेलन में सोनिया गांधी ने भी मध्यावधि चुनावों की संभावना को नकार दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "नहीं, हम समयपूर्व चुनावों के पक्ष में नहीं हैं. जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार का कार्यकाल 2009 तक है. हम अपने कार्यक्रमों को 2009 तक क्रियान्वित करने के लिए जो संभव होगा, करेंगे." भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर वामपंथी दलों के साथ टकराव संबंधी रिपोर्टों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि इस मसले पर सरकार वामदलों के साथ सहमति बनाने पर काम कर रही है. सोनिया ने कहा कि सरकार वामदलों के साथ टकराव की ओर नहीं बढ़ रही है, क्योंकि यह ग बंधन 'धर्म' के ख़िलाफ़ है. उन्होंने कहा, "ग बंधन का धर्म साथ काम करना और एक-दूसरे के विचारों को समझना है." यह पूछे जाने पर कि क्या वह चाहेंगी कि कल सुबह की सुर्खियां ये बनें, 'कांग्रेस पीछे हटी, मध्यावधि चुनाव नहीं, वामपंथियों के साथ टकराव नहीं.', सोनिया ने मज़ाकिया अंदाज़ में पलटवार किया, "जब तक आप लोग ऐसा नहीं छापेंगे, आपके अख़बार कोई नहीं पढ़ेगा." news - bbc hindi |