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काँग्रेस के दोनो मुखियाऔ ने वाम को हुडकी दी |
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तैयार है हम । सोनिया गाँधी और सरकार के मुखिया मनमोहन ने हुनकार भर दी , अब देखना है कि वाम क्या करते है भाई थोडी बहुत ईज्जत तो है वाम की नही तो सब काँग्रेस से सुलह का कोई रास्ता निकालने की कोशिश करेगे , बली का बकरा तो वाम दल ही होगे ,शहीदी काँग्रेस सांसदो के नाम आयेगी ,भाजपा की तो वल्ले हो सकती है बर्शत वह कोई गलती न करे ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर आयोजित इफ़्तार पार्टी में संवाददाताओं के ये पूछने पर कि क्या वह समय से पूर्व चुनाव होने को लेकर चिंतित हैं. श्रीमती गांधी का जवाब था,'' कतई नहीं.'' उन्होंने कहा कि यदि चुनाव होते हैं तो उनका सामना किया जाएगा.  |  यदि लोक सभा के चुनाव समय से पहले होते हैं तो हम उनका सामना करने को तैयार हैं  सोनिया गांधी |
ग़ौरतलब है कि भारत अमरीका परमाणु समझौते को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच बढ़ती दूरियों को देखते हुए लोक सभा के चुनाव समय से पहले होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. परमाणु करार पर वामदलों की आशंकाओं का दूर करने के लिए सरकार ने संयुक्त समिति ग ित की है जिसकी तीन बै कें होने के बावजूद गतिरोध अब भी कायम है. 'कुछ भी अंसभव नहीं' इफ़्तार के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह से यह पूछे जाने पर कि क्या मध्यावधि चुनाव की कितनी संभावना हैं, प्रधानमंत्री का कहना था कि कुछ भी असंभव नहीं है.  |  मैं ज्योतिषी नहीं हूँ  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चुनाव के बारे में पूछे जाने पर |
ये पूछे जाने पर कि क्या वामपंथी दल सरकार से समर्थन वापस लेंगे, प्रधानमंत्री ने कहा,'' मैं ज्योतिषी नहीं हूँ.''समझौते पर यूपीए और वामपंथी दलों की समिति की बै क के नतीजों पर उन्होंने ये कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि बातचीत अभी चल रही है और जब तक वार्ता चल रही है, हमें रास्ता निकलने की उम्मीद है.यह पूछने पर कि क्या ग बंधन राजनीति को चलाना मुश्किल नहीं है? प्रधानमंत्री ने कहा,'' ऐसा नहीं है हमें इसे कारगर बनाना है.'' News- bbc hindi |