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सांसदजी शिबू सोरेन ने राजिनितक सरगर्मी तेज की |
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गुरुजी के अपने साथीऔ और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आनेवाला चुनाव काफी क िन होगा। इसलिए इसकी तैयारी में अभी से जुट जाएं। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन से राज्य के प्रत्येक गांव व पंचायत में पदयात्रा प्रारंभ करने के साथ सभी विधानसभा में एक-एक बूथ की कमेटी कुछ दिनों के भीतर ग ित हो जानी चाहिए।
बूथ कमेटियों में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रविवार को टाउन हाल में आयोजित झामुमो की विस्तारित बै क में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सोरेन ने ये बातें कही। उन्होंने ग्रामीणों से एक मुट् ी चावल और एक रुपया लेने की बात कही। साथ ही कार्यकर्ताओं को अगाह करते हुए कहा कि आगामी चुनाव आसान नहीं है। पार्टी के वैसे नेता जो विधायक बनने का ख्वाब पाले हुए हैं, वे सतर्क हो जाएं। क्योंकि हमारे विरोधियों के पास पैसे और गुंडों की ताकत है। इससे पार पाने के लिए आपके पास क्या है? आपको सिर्फ जनता का समर्थन ही विजयी बना सकता है, लेकिन आप जनता से कटे हुए हैं। पद के लिए तिकड़म में व्यस्त हैं। आश्चर्य है कि 20 सूत्री तक में शामिल होने के लिए मारामारी कर रहे हैं। राज्य सरकार में भी एकजुटता नहीं है। वहां भी एक दूसरे की टांग खींचने की कोशिश जारी है। उन्होंने राज्य की बदतर स्थिति के लिए सभी को दोषी बताते हुए कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्री पर दोषारोपण करना गलत है। सोरेन ने याद दिलाया कि उन्होंने बिना पैसा, पूंजी के राज्य का ग न करा दिया। कई विधायक और सांसद बनाए। यह सब जनता की मदद से किया। यही आज करने की जरूरत है। उन्होंने मंच पर बै े पार्टी के सांसदों और विधायकों की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आप सब मिलकर 21 होते हैं, यदि आप तीन-तीन विधानसभा की कमान संभाल लें तो समस्या का समाधान हो सकता है। कहा कि हमने काफी संघर्ष के बाद अलग राज्य पाया, लेकिन जनता को अभी तक कुछ भी नहीं मिला। चतुर्थवर्ग की नौकरी के लिए उन्हें एड़ी रगड़ना पड़ रहा है। अपना घर है, लेकिन रोटी के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। पिछले छह साल राज्य में बीजेपी का शासन रहा। इस दौरान उसने राज्य को जमकर लूटा और हम चुपचाप देखते रहे, विरोध नहीं किया। आज भी आरएसएस राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश में है, हमें उससे सावधान रहना होगा। उन्होंने अंत में कार्यकर्ताओं को पुन: आह्वान करते हुए कहा कि झारखंड लूट रहा है, इसे बचाने के लिए आखिरी लड़ाई लड़नी है, इसके लिए तैयार हो जाओ अन्यथा बाद में पछताने के सिवा कोई चारा नहीं बचेगा। कार्यक्रम में सांसद हेमलाल मुर्मू एवं टेकलाल महतो ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन बिनोद पांडेय ने और धन्यवाद ज्ञापन सुप्रियो भंट्टाचार्य ने किया। Daink jagran |