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सांसदजी देवगौड़ा पुत्र मोह मे फंसे |
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इतिहास अपने को दोहराता है , चाहे महाभारत का क्यो न हो , कनार्टक मे शायद यही होने जा रहा है , देवगौड़ा अपने पुत्र को मुखमंत्री पद से बेदखल नही होने देना चहाते है बहाने अपने आप आ जाते है , मौका भाजपा विधायक के बयान के रुप में आगया , देवगौड़ा जी को कुर्सी प्रेम बुढापे मे कुछ ज्यादा हो रहा है वो तो दुबारा प्रधानमत्री बन नही सकते तो बेटे को कुर्सी से बेदखल होना भी नही देख सकते? भाजपा को नुकसान तो है ही देवगौड़ाजी को कम नुकसान नही होगा ।
सांसदजी एचडी देवगौड़ा इतने 'आहत' हुए कि उन्होंने समझौते के तहत 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा को सौंपना टाल दिया है, वहीं कुमारस्वामी का कहना है कि वादे के मुताबिक वह सत्ता भाजपा को सौंप देंगे। अपने ही मंत्रिमंडल के एक सहयोगी द्वारा मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पर आरोप लगाए जाने के बाद देवगौड़ा इस कदर झुंझलाए कि बृहस्पतिवार सुबह भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत अधूरी छोड़कर दिल्ली से बेंगलूर लौट गए। देवगौड़ा ने जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब तक भाजपा नेता सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार नहीं करते, तब तक मैं बातचीत बहाल नहीं करूंगा। सत्ता हस्तांतरण को लेकर बातचीत ऐसे माहौल में कैसे हो सकती है, जब मेरे बेटे पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया गया हो और जब उसके मंत्रिमडल सहयोगी ने ऐसा कहा हो तो मामला और भी पेचीदा हो जाता है। गौरतलब है कि पर्यटन मंत्री श्रीरामुलू ने 25 सितंबर को बेल्लारी के कौल बाजार थाने में एक शिकायत दर्ज कराई जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुमारस्वामी ने उनकी हत्या कराने की साजिश रची है। |