वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि आत्मनिर्भर होने के लिए भारत ऊर्जा उत्पादन करने और ऊर्जा हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.by bbc- hindi
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत पर्यावरण को होने वाले नुक़सान और जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र में जलवायु परिवर्तन पर एक सम्मेलन में बोलते हुए चिंदबरम ने विकासशील और विकसित देशों के सवाल भी उ ाए. वित्तमंत्री चिदंबरम ने कहा कि औद्योगिक देश कार्बन गैसों का भारी मात्रा में उत्सर्जन करते हैं जिसका बोझ विकासशील देशों को सहना पड़ता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "इसलिए सभी विकासशील देश के सामने बाध्यता है कि वे अपनी क्षमताएँ बढ़ाए और जलवायु परिवर्तन का सामना करें." भारत में प्रतिव्यक्ति सबसे कम कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन की बात कहते हुए उन्होंने कहा है कि वह टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्ध है. भारत की ऊर्जा ज़रुरतों का ज़िक्र करते हुए कहा, "ऊर्जा विकास की कुंजी है और हमारी बाध्यता है कि हम ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा हासिल करने की सभा उपलब्ध संभावनाओं की तलाश करें." उन्होंने पर्यावरण रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह वाणिज्यिक वाहनों के लिए सीएनजी का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है और बायो-डीज़ल कार्यक्रम को सरकार बढ़ावा दे रही है. |