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नाराज मंत्री ने सेनापति से मुलाकात कर विरोघ जताया E-mail
Ambika soniअपनो से आहत सांसदजी , अंबिका सोनी सफाई पेश करने के लिये मनमोहनजी से मुलाकात करके तमाम तरह की सफाई दी, कागज दिखाये , इस्तीफा तो वे आदेश से तुरर्त दे देगी , पर स्वास्थ लाभ ले रहे मनमोहनजी ने कोई आशवाशन नही दिया सांतावना दी की नही पत्रकारो को भनक नही लगी

रामसेतु हलफनामा मुद्दे पर पार्टी सहयोगियों द्वारा इस्तीफे की माँग किए जाने के बीच केन्द्रीय संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से मुलाकात कर इस विवादास्पद मामले में अपने मंत्रालय की भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण दिया।

करीब आधे घंटे तक चली बै क के बाद अंबिका ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत से काफी संतुष्ट हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि सिंह या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी उनसे इस्तीफा देने को कहती हैं, तो वे आधे मिनट के भीतर ऐसा कर देंगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ मेरी अच्छी बै क हुई। मैंने प्रधानमंत्री को चेन्नई उच्च न्यायालय से लेकर आज तक मामले के पूरे दस्तावेजों को तैयार करने के बारे में बताया। मैंने उन्हें वे सब संशोधन दिखाए जो सचिव और मैंने किए थे।

अंबिका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ सवाल पूछे, जिनका मैंने जवाब दिया। संस्कृति मंत्री ने पिछले शनिवार को सोनिया से मुलाकात की थी। इसके बाद वे प्रधानमंत्री से मिलने की प्रतीक्षा कर रही थीं, क्योंकि सिंह एक ऑपरेशन कराने के बाद आराम कर रहे थे।

पार्टी के कुछ सहयोगियों द्वारा इस्तीफा माँगे जाने के बारे में पूछने उन्होंने कहा कि मैंने इस्तीफा नहीं दिया और मैं आज भी इस बात पर अडिग हूँ कि यदि प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मुझसे इस्तीफा देने को कहते हैं, तो मुझे ऐसा करने में आधा मिनट भी नहीं लगेगा।

अंबिका पर पार्टी के एक वर्ग द्वारा उस समय से हमला शुरू हो गया था, जब 12 सितंबर को उच्चतम न्यायालय में दाखिल किए गए हलफनामों में कहा गया था कि भगवान राम के अस्तित्व के कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं।

इन हलफनामों से भारी विवाद छिड़ गया और इन्हें दो दिन बाद वापस ले लिया गया। कांग्रेस ने कहा कि उसने अंबिका के इस्तीफे के बारे में कोई निर्णय नहीं किया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वे अपनी पार्टी के कुछ सहयोगियों के हमलों से आहत हुई हैं, उन्होंने कहा राजनीति में आहत होने जैसी कोई बात नहीं होती। आप समय के साथ सीखते हैं। ईमानदारी और विश्वास के साथ काम करना क िन है। कई चीजों पर ध्यान रखना पड़ता है तथा मैं सीख रही हूँ।

अंबिका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें दस्तावेज दिखाने के लिए खासा समय दिया और उन्हें सारी घटनाओं से अवगत कराया गया। गौरतलब है कि अंबिका ने 23 सितंबर से होने वाली अपनी न्यूयॉर्क यात्रा को यह कहकर रद्द कर दिया था कि वे प्रधानमंत्री से समय मिलने की प्रतीक्षा कर रही हैं।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे न्यूयॉर्क जाने को कहा था, लेकिन अंबिका ने इस बात पर जोर दिया कि रामसेतु मुद्दे पर यहाँ विवाद जारी होने के कारण उनका विदेश दौरे पर जाना उचित नहीं होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वे मानती हैं कि मामला अब खत्म हो गया? अंबिका ने कहा कि मुझे नहीं मालूम। मैं बता नहीं सकती।

 

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