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करुणाकरण भी राम को नही जानते |
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श्रीराम को काल्पनिक किरदार बताने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि को लगता है गुमनामी की जिन्दगी जीना है सांसदजी मुरली मनोहर जोशी ने उन्हे खुले दिल से धन्यवाद दिया की अब आपकी पारी खत्म राजाराम ही करेगे जिस राज्य की पुरी राजनिति फिल्म वालो के हाथ में हो जिनका पुरा जीवन काल्पनिक पात्रो को जीवन्त करने मे गुजरा हो वो श्रीराम के चरित्र को नही निभा पा रहे है चलो भाजपा को एक और मिसाईल मिली ।
भाजपा के वरिष् नेता मुरली मनोहर जोशी ने सेतुसमुद्रम परियोजना पर चल रहे विवाद को नया मोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के राजनेताओं और खासतौर पर द्रमुक नेताओं की एक लाबी है जो रामसेतु को ध्वस्त करने पर शुरुआत से ही जोर दे रही है क्योंकि यह परियोजना मिट्टी निकालने वाले पेशेवरों को काफी लाभ पहुंचाएगी और वे काफी धन कमा सकेंगे। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने के लिए करुणानिधि की जमकर आलोचना की। प्रसाद ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि क्या वह इस तरह का बयान अन्य पंथ के बारे में भी देंगे? गौरतलब है कि तमिलनाडु के इरोड में करुणानिधि ने सांप्रदायिक ताकतों पर आरोप लगाया कि वे राम का नाम लेकर सेमुसमुद्रम परियोजना में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। द्रमुक संस्थापक सीएन अन्नादुरै के 99वें जन्मदिन पर रविवार को देर रात एक जनसभा में करुणानिधि ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि 17 लाख साल पहले एक व्यक्ति हुआ जिसका नाम राम था। उनके द्वारा निर्मित सेतु को नहीं छुएं, कौन हैं यह राम, किस इंजीनियरिंग कालेज से उन्होंने पढ़ाई की, क्या इसका कोई सबूत है? इस तरह करुणानिधि के बयान ने 'आग में घी डालने' का काम कर दिया है। उन्होंने 'सांप्रदायिक ताकतों' पर भगवान राम के नाम पर सेतुसमुद्रम परियोजना का काम रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम एक काल्पनिक चरित्र हैं। तमिलनाडु की जनता काफी धार्मिक प्रवृत्ति की है और कुछ का मानना है कि राम के नाम का हवाला देकर उनकी भावनाओं को आसानी से भड़काया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेतुसमुद्रम योजना पूरी होने पर श्रीलंका को कुछ परेशानी हो सकती है लेकिन तमिलनाडु को इससे काफी फायदा होगा। करुणानिधि ने आरोप लगाया कि एक अच्छी योजना में अड़ंगा लगाने के लिए एक ऐसे व्यक्ति के नाम का सहारा लिया जा रहा है, जिसका कभी कोई वजूद ही नहीं था। उधर, वाराणसी में जोशी ने कहा कि ऐसे में जब न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्तारूढ़ ग बंधन में शामिल लोगों ने भी लचीलापन दिखाना शुरू कर दिया है वैसी परिस्थिति में द्रमुक केंद्र सरकार पर प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
news. jagan |