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सांसदजी ने गिनाये विदेश से लेकर आयी विदेशी आँकडे |
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सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेणुका चौधरी भी मानती हैं कि भारत नर्सो की कमी से जूझ रहा है और यहां की आबादी में नर्सो का अनुपात संख्या नाइजीरिया से भी कम है।
उन्होंने यूनिसेफ और नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम की ओर से नवजात शिशु देखभाल पर आयोजित छ े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर यह बात कही कि इसके लिए देशभर में महिलाओं को प्रेरित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने इंडियन एसोसिएशन ऑफ नियोनेटल नर्सेस का औपचारिक ग न भी किया। श्रीमती चौधरी ने कहा कि भारत सरकार यूनिसेफ व एनएनएफ के साथ मिलकर नवजात और शैशवावस्था की बीमारियों के प्रबंधन की व्यापक रणनीति को साकार रूप देने पर काम कर रही है। यह रणनीति गृह आधारित देखभाल को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत कुपोषित नवजात बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से विशेष सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके और नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि पांच वर्ष के नीचे के शिशुओं में मृत्यु दर को दो तिहाई करने संबंधी सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को आगामी वर्षो में हासिल किया जा सकेगा। news- danik jagran |