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सांसदजी ,गुरुजी खुली हवा खुले खुले से लग रहे है |
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सांसदजी एव्ं झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन राजनीतिक धरातल पर अचानक काफी सक्रिय दिखे। गुरुजी ने कहा कि वे सिस्टम को ीक करने निकले हैं। पिछले नौ महीनों तक मेरे जेल में रहने के कारण बहुत कुछ गड़बड़ हो गया है। अब जल्द ही सबकुछ पटरी पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की यह सरकार चूंकि उन्होंने ही बनवाई है इसलिए अच्छे-बुरे कार्यो की जवाबदेही भी उनकी ही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उग्रवाद को मिटाना है तो स्थानीय युवकों को पुलिस में भर्ती करना होगा। गुरुजी ने शनिवार को राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। बाद में गुरुजी ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। इससे पहले अपने आवास पर गुरुजी ने कहा कि सिपाही बहाली के अव्यवहारिक नियम-कानून से उनका विरोध है, जिसके कारण स्थानीय युवक सिपाही नहीं बन पा रहे हैं। सिपाही बहाली में शारीरिक क्षमता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए न कि कद और शैक्षणिक योग्यता को। सिपाही नियुक्ति में एक मील दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद और गोला फेंक में अव्वल रहने वाले प्रतिभागी पर शैक्षणिक योग्यता और ऊंची कद वाला प्रतिभागी भारी पड़ जाता है। राज्य के ग्रामीण युवक शारीरिक रूप से चुस्त रहने के बाद भी इसी कारण पिछड़ जाते हैं। सोरेन ने कहा कि राज्य में उग्रवादी घटनाएं बढ़ रही हैं। पहले लगता था कि ये भटके युवक हैं पर अब महसूस हुआ कि ये अपराधियों का ग्रुप हैं, जिनका काम लेवी के लिए लोगों को मारना है। इन्हें कहीं न कहीं से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीण इनसे लोहा लेने के लिए तैयार हैं लेकिन इन्हें संरक्षण भी मिलना चाहिए। यदि इन्हें सिपाही बनाया जाए तो यह काम हो सकता है अन्यथा राज्य से कभी उग्रवाद समाप्त नहीं होगा। दैनिक जागरण
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