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नेता, नेताम ने नेताओ सा काम पुनः किया, अर्थात पार्टी बदली |
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पुर्व सांसदजी कि क्या है कि जमीनी पकडं कमजोर हो चली थी, सघं परिवार से अनबन और तो और नेतामजी कई बार इस शुभ कार्य कर चुके , पिछले कई बर्षो से बरोजगार चल रहे थे । भाजपा कोई काम दे नही रही थी , सो सोनियाजी की शरण् में ही जाना ीक लगा , अरविन्द नेतामजी क्या करे काँग्रेस शरण्म गछ्यमी
नेताम ने यहाँ पत्रकारों से कहा कि उनके भाजपा छोड़ने का एकमात्र कारण है कि वह वर्षों तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन भाजपा में उनके राजनीतिक अनुभवों का कोई लाभ नहीं लिया गया। इसलिए उनका भाजपा से मोहभंग हो गया, जिसके चलते उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
नेताम ने बताया कि उन्होने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। उन्होंने भाजपा के किसी भी नेता के साथ मतभेद से इनकार किया।
नेताम ने भावी कदम या कांग्रेस में प्रवेश के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह इस सम्बन्ध में फिलहाल कुछ नहीं कहेंगे। अपने साथियों से चर्चा कर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महन्त सहित अनेक नेता उन्हे पिछले एक-डेढ वर्ष से कांग्रेस प्रवेश के लिए कह रहे हैं,लेकिन वह जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते। |