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भाजपा एवं शिव सेना में तलाक की नौबत नही आयेगी |
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सांसदजी राजनाथ सिंह ने शिवसेना के सिपहसलाहकार उद्धव ाकरे से गले मिल कर कहाँ कि हमारा रिश्ता पहले की तरह बरकरार है। तलाक दोनो नही चाहते है , बात जरुत की है भाजपा का मानना है कि लोकसभा चुनाव कभी भी हो सकते है किला फरह करने के लिये भाजपा को अपने सभी पुराने नये सहयोगी की आवश्कता है
भाजपा और शिवसेना के बीच पिछले दो दशक से अधिक समय से चले आ रहे रिश्तों में उस समय दरार आ गई थी, जब राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने संप्रग उम्मीदवार श्रीमती प्रतिभा पाटिल को 'मरा ी मानुष' के नाम पर समर्थन देने की घोषणा कर दी थी।
इसके बाद दोनों दलों के बीच रिश्तों में आई खटास कम होने के बजाय बढ़ती ही गई और यह रिश्ता टूटने की कगार तक पहुँच गया। महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा के क्षेत्रीय सम्मेलनों में कार्यकर्ताओं ने यह यह संबंध तोड़ने की खुलकर वकालत की और पार्टी ने 2009 के राज्य विधानसभा चुनाव अपने बूते पर लड़ने का इरादा भी व्यक्त कर दिया।
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री गोपीनाथ मुंडे तथा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नितिन गड़करी ने कार्यकर्ताओं की इस भावना से केन्द्रीय नेतृत्व को अगवत करा दिया था। |