परमाणु मुदे पर भारत-अमरीका परमाणु समझौते के अध्ययन और समझौते के लिए संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के ग न की माँग को लेकर संसद में ज़ोरदार हंगामा हुआ.
सोमवार को जब संसद की कार्यवाही शुरू हुई तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग बंधन यानी एनडीए और तीसरे मोर्चे में शामिल विपक्षी दलों ने संसद के दोनो सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में जेपीसी की ज़ोरदार माँग की. लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी के सांसद खड़े हो गए और जेपीसी के ग न की मांग के लेकर नारेबाजी करने लगे. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी. ग़ौरतलब है कि अमरीका के साथ परमाणु करार के मसले पर यूपीए सरकार को विपक्ष ही नहीं बल्कि अपने समर्थकों की ओर से भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. वामदल बार-बार इस बात को दोहराते रहे हैं कि हाइड एक्ट के साथ परमाणु करार को स्वीकार करना देश की संप्रभुता के साथ समझौता होगा और वे ऐसी स्थिति में कतई इस करार का समर्थन नहीं करेंगे. विरोध राज्यसभा में भी नज़ारा ऐसा ही रहा. जैसे ही सदन का कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा के सांसद अपनी सीटों पर खड़े हो गए और नियम 184 के तहत इस मुद्दे पर बहस की मांग करने लगे. सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस मांग का विरोध किया. भाजपा के सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी और अरुण शौरी तथा शिवसेना के मुनोहर जोशी ने सभापति से इस मामले पर नियम 184 के तहत बहस कराने की मांग की. तीसरे मोर्चे के सदस्यों ने भी समझौते पर जेपीसी के ग न की मांग को लेकर नारे लगाए. सभापति हामिद अंसारी ने सदस्यों से प्रश्नकाल पूरा होने देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता को बाद में मैं इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दूँगा." लेकिन अंसारी की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ. बाद में उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी. उल्लेखनीय है कि सरकार इस मुद्दे पर जेपीसी के ग न की माँग पहली ही नामंजूर कर चुकी है. हालाँकि परमाणु समझौते पर वाम दलों की आपत्तियों पर चर्चा के लिए 15 सदस्यीय यूपीए-वाम दल समिति का ग न किया गया है. |