पिछले दिनो विशाखापत्तनम से सांसद जनार्दन रेड्डी पर हमले के बाद माओवादीऔ से वार्ता की कोशिश की जा रही है , सरकार को को समझने की जरुरत है कि देश के युवा आतंकवाद से प्रेरित क्यो हो रहें है,इस को समझने के लिये कोई तैयार नहीं है । हम मुसिलम आंतकवाद का रोना रो रहे है पर जे तो कम्युनिस्ट है , केन्द सरकार जब कम्युनिस्टो का दबदबा है तो सरकार तथा कम्युनिस्टो दोनो को बै कर इस पर विचार करने की जरुरत है न कि भाषणबाजी की ?
आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा है कि वो नक्सलियों के साथ वार्ता शुरू करने पर तैयार हैं, बशर्ते वे हथियार छोड़ दें. शुक्रवार को नेल्लौर में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष् नेता एन जनार्दन रेड्डी को निशाना बना कर किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे. हालाँकि जनार्दन रेड्डी और उनकी पत्नी एन राज्यलक्ष्मी बाल-बाल बच गए. राज्यलक्ष्मी राज्य सरकार में शिक्षा मंत्री हैं. मुख्यमंत्री ने शनिवार को जनार्दन रेड्डी के घर जाकर उनका हाल-चाल पूछा. बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम नक्सलियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें इसके पहले हथियार छोड़ना होगा."  |  हम नक्सलियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें इसके पहले हथियार छोड़ना होगा  वाईएस राजशेखर रेड्डी |
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ही वर्ष 2004 में माओवादियों के साथ वार्ता की पहल की थी. राजशेखर रेड्डी ने नक्सली हमलों पर चिंता जताते हुए कहा, "हमें ये देखना होगा कि आज के युवाओं का झुकाव नक्सलवाद की तरफ़ न हो." उन्होंने स्वीकार किया कि नक्सलियों से मिल रही चुनौती से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन को और चुस्त करने की ज़रूरत है. आंध्र प्रदेश के गृह मंत्री के जना रेड्डी का कहना है कि शुक्रवार को हुए बारूदी सुरंग विस्फोट के पीछे भी माओवादियों का हाथ है. पिछले एक साल में माओवादियों का यह सबसे बड़ा हमला है. जनार्दन रेड्डी 1990 से 1992 के बीच मुख्यमंत्री रहे थे. उन्हीं के कार्यकाल के दौरान माओवादी संग न पीपुल्स वार को प्रतिबंधित किया गया था. अक्तूबर, 2004 में पीपुल्स वार और माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) का आपस में विलय हो गया और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम से नया संग न बना. news- bbc hindi |