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वित्त मंत्री को बिहार की गरीबी नरज आई |
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देश के खजाँची को अब देश के कई पिछडे हिस्से नजर आने लगे है। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने माना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े बिहार को विशेष मदद की जरूरत है। यदि बिहार के साथ झारखंड तथा उड़ीसा के विकास पर भी ध्यान दिया जाए तो विकास दर 9.3 प्रतिशत से कहीं अधिक हो जाएगी।
श्री चिदंबरम ने यहां श्रीकृष्ण स्मारक भवन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और केंद्रीय इस्पात, रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान की उपस्थिति में भारतीय जीवन बीमा निगम के नए पूर्व मध्य क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार में कृषि और उघोग के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह खनिज संपदाओं से पूर्ण झारखंड और उड़ीसा में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि इन तीनों राज्यों के संसाधनों का भरपूर उपयोग किया जाए तो यह देश का सबसे धनी क्षेत्र होगा और विकास दर 9.3 प्रतिशत से कहीं अधिक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बाढ़, रेलवे, कृषि और उघोग समेत विभिन्न क्षेत्रों में मदद की आवश्यकता है और वह भरोसा दिलाते हैं कि केंद्र इसमें राज्य को पूरी मदद देगा। श्री चिदंबरम ने कहा कि भारत में आज भी एक बड़ी आबादी बीमा के दायरे से बाहर है। कुल 22 करोड़ बीमाधारक हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बीमा कराया है वे उच्च, मध्यम या निम्न मध्यम वर्ग के हैं, लेकिन गरीब आदमी अभी भी इससे दूर है। ऐसे में केंद्र सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को आम आदमी बीमा योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसमें पहले वर्ष एक करोड़ गरीब लोगों को शामिल किया जाएगा। |