विशाखापत्तनम से सांसद जनार्दन रेड्डी के काफिले पर बारुदी सुरंग लगा कर हमला किया गया जिसमे कांग्रेस के ३ सदस्य मारे गये जिसमे उनकी पत्नी भी बाल बाल बची ।
आंध्र प्रदेश के गृह मंत्री के जना रेड्डी ने बताया कि मारे गए लोग जनार्दन रेड्डी के समर्थक थे जो उनके साथ यात्रा कर रहे थे. उनका कहना था, "हमें इस हमले के पीछे प्रतिबंधित माओवादी संग न का हाथ होने का संदेह है." बारूदी सुरंग नेल्लौर और तिरूपति के बीच विद्यानगर के निकट एक पुलिया के नीचे रखा गया था. विस्फोट जैसे ही 50 गाड़ियों का काफ़िला इस पुलिया के ऊपर से गुजरने लगा, रिमोट कंट्रोल से बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया गया.  |  हमें इस हमले के पीछे प्रतिबंधित माओवादी संग न का हाथ होने का संदेह है  के जना रेड्डी |
हमले में वीआईपी दंपत्ति को ही निशाना बनाया गया था क्योंकि विस्फोट उसी समय हुआ जब लालबत्ती लगी गाड़ी पुलिया पर पहुँची थी. जनार्दन रेड्डी तिरूपति स्थित श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय जा रहे थे जहाँ उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि दी जानी थी. पुलिस का कहना है कि विस्फोट करने के बाद एक या अधिक व्यक्ति वहाँ से भाग खड़े हुए जिनकी धर-पकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है. पिछले एक साल में माओवादियों का यह सबसे बड़ा हमला है. जनार्दन रेड्डी 1990 से 1992 के बीच मुख्यमंत्री रहे थे. उन्हीं के कार्यकाल के दौरान माओवादी संग न पीपुल्स वार को प्रतिबंधित किया गया था. अक्तूबर, 2004 में पीपुल्स वार और माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) का आपस में विलय हो गया और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम से नया संग न बना. news-bbc hindi |