मेन मीनू

मुख्य पृष्
सांसद समाचार
सांसदनामा
खोंजें
संपक॔ करें
सम्पादकीय
जन्मदिन (आज )
साइटमैप (Sitemap)
समय चक़

 krihna

जय कन्हैया लाल की

missing kids

गुमे हुये बच्चो

की सहायता करे

मुफ्त हिन्दी सीखे

लोकसभा -सीधा प्रसारण

महात्मा गाँधी

  Gandhi

     श्रद्धेय

    राष्ट्रपिता

सर्वोच्च नागरिक

१३ वी राष्ट्रपति

 Pratibha Patil

श्रीमती प्रतिभा पाटिल

१३वे उपराष्ट्रपति

hamid ansari

श्री हामिद अंसारी

 

 

 
सांसदजी ममता दीदी वाम दलों से अकेले लोहा लेंगी E-mail
mamta एकला चलो रे, एकला चलो रे , ममता बहन ने निशचय किया है,कि अब बहुत हो गया बगैर मंत्री के , आने बाले चुनाव में अगर एनडीए ,या को डीए हो सर्मथन बहार से हो , अन्दर से हो जलबा बहुत रहता है, वाम दलों की कहानी खतम के कगार पर है सो सरकार बनाने में ममता का हा्थ या कमल ?

कोलकाता में मदरसा के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अब हम किसी के साथ नहीं हैं और अब अपने आप खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं."

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस एनडीए का एक अहम घटक था और ममता बैनर्जी इस ग बंधन में रहते हुए केंद्रीय मंत्री भी रहीं.

लेकिन गुरुवार को उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि एनडीए में रहते हुए भी उन्होंने कभी अल्पसंख्यकों के साथ विश्वासघात नहीं किया.

ममता बैनर्जी पिछले विधानसभा चुनाव के समय से ही भाजपा से एक दूरी बनाई रखी है.

 हम टाडा के ख़िलाफ़ लड़े, हमने पोटा के ख़िलाफ़ संघर्ष किया और जब गुजरात में दंगे हुए तो हमने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफ़ा भी माँगा था
ममता बैनर्जी

 

तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया था और चुनाव में मतदान न करने का निर्णय लिया था. इसके अलावा पार्टी ने यह भी साफ़ नहीं किया था कि उसने उपराष्ट्रपति चुनाव में किसके लिए मतदान किया था.

पश्चिम बंगाल में 27 प्रतिशत की आबादी वाले अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश करते हुए ममता बैनर्जी ने कहा, "हम टाडा के ख़िलाफ़ लड़े, हमने पोटा के ख़िलाफ़ संघर्ष किया और जब गुजरात में दंगे हुए तो हमने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफ़ा भी माँगा था."

तृणमूल कांग्रेस के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य की भाजपा इकाई ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से अल्पसंख्यकों को अपनी ओर लाने की कोशिश कर रही है इसलिए यह स्वाभाविक है कि मदरसा छात्रों की एक सभा में ममता बैनर्जी ने यह महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा की.

कांग्रेस की राज्य इकाई ने तृणमूल कांग्रेस के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि अब दोनों दल हाथ मिला सकेंगे और आने वाले चुनावों के लिए ग बंधन बना सकेंगे.

सत्ताधारी ग बंधन का नेतृत्व कर रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है.

 

news - bbc hindi

 
< िपछला   अगला >