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राज्यसभा सांसदजी शरद यादव भी कानुन की चपेट में |
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कानुन के जिन्न ने अपना शिकंजा चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बिहार से राज्यसभा सांसद शरद यादव और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, और राघोपुर विधान सभा क्षेत्र के एक पूर्व प्रत्याशी सतीश कुमार के खिलाफ अलग-अलग अदालतों ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है।
मोदी 1998 की लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में लातेहार की अदालत में हाजिर होंगे, वहीं शरद यादव और सतीश कुमार के खिलाफ हाजीपुर की एक अदालत ने वारंट जारी किया है। मोदी की लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए लातेहार की अदालत ने उनके खिलाफ दूसरी बार गैर जमानती वारंट जारी किया है। वर्ष 1998 में लोकसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र अग्रवाल के चुनाव प्रचार के लिए सुशील कुमार मोदी वाहनों के काफिले के साथ लातेहार गए थे और वहां सभा को संबोधित किया था। इस पर जिला प्रशासन ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दायर कर दिया। बाद में धीरेंद्र अग्रवाल भाजपा छोड़ राजद में चले गए लेकिन श्री मोदी पर मुकदमा चलता ही रहा। न्यायालय में हाजिर नहीं होने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। यह मामला अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार सतीश सिन्हा की अदालत में विचाराधीन है। उधर निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद राघोपुर विधान सभा क्षेत्र के मोहनपुर के मेदन मैदान में चुनावी सभा करने के आरोप में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव तथा दल के प्रत्याशी सतीश कुमार के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला जिला प्रशासन ने दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट ने 23 मई को सम्मन जारी किया था, लेकिन उपस्थित नहीं होने के कारण न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के लिए जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। इस बीच वारंट जारी होने के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा इस्तीफा मांगे जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टी के रूप में कांग्रेस अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे अदालत में हाजिर होंगे और जमानत का अनुरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि जिस नेता के चुनाव प्रचार के लिए वे लातेहार गए थे वो नेता अब राजद में शामिल हो गए हैं। जबकि वो अभी तक मुकदमा झेल रहे हैं। |