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दास नही होगें न्युज चेनलो के दास |
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 सांसदजी,संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे प्रसारकों को आड़े हाथों लेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा है कि वे अपने कार्यक्रमों में मनोरंजन को शामिल कर 'खबरिया चैनल से संबंधित लाइसेंस' का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं कर सकती।
दासमुंशी ने गुरुवार को कहा कि खबरिया चैनलों द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों में से महज एक चौथाई कार्यक्रम ही समाचार से जुड़े होते हैं, जबकि शेष कार्यक्रम मनोरंजन से जुड़े होते हैं। आप लाइसेंस तो लेते हैं दूसरे काम के लिए लेकिन करते हैं कुछ और। यह उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाचार चैनल खोलते ही भूत-प्रेत, भविष्यवाणी और ज्योतिष से जुड़े कार्यक्रम देखने को मिलेंगे। आपको किसी अभिनेता द्वारा शिल्पा शेट्टी को चूमने के दृश्य से संबंधित फुटेज सैकड़ों बार देखने को मिल जाएँगे। यह सही नहीं है। उन्होंने चैनलों से अपील की कि वे दर्शकों को जो परोस रहे हैं। उस पर गौर फरमाएँ।
एक निजी चैनल के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि प्रस्तावित विधेयक को लेकर इतनी हायतौबा क्यों है? ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों में भी प्रसारकों के लिए नियामक और आचार संहिता की व्यवस्था है।
असम में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्र में इस तरह का खेल आयोजित कराना बहुत ही महत्वपूर्ण था क्योंकि ज्यादातर लोग इन खेलों के सफल आयोजन को लेकर आशंका व्यक्त रहे थे। हालाँकि सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन को छोड़कर किसी भी टेलीविजन चैनल ने इन खेलों का कवरेज नहीं किया। यह प्रदर्शित करता है कि वे अपने लाइसेंस का इस्तेमाल उस तरह नहीं कर रहे हैं जैसा करना चाहिए। news- webdunia. |