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आडवाणी ने ही बढ़ाई सांप्रदायिकता द्धवेश - धंधा है क्या |
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प्रियरंजन दासमुंशी का भी काम है सांप्र दायिकता का बीज बोने बाले को रोकना न कि कहना कि विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी सांप्रदायिकता का बीज बोने के जिम्मेदार है। दासमुंशीजी जब मालुम है तो जेल काहे के लिये हे भाई बेगुनाहो के लिये हे क्या, और जिनपर केस साबित हो गया है उनको सांप्रदायिकता के नाम पर सजा देने से रोक रहे हो क्यों ? सरकार ही सांप्रदायिकता ने नाम पर रो रही है ।
दासमुंशी ने विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के सरकार पर आतंकवाद को सांप्रदायिक रंग देने और आतंकवाद से निपटने में विफल रहने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह देश में सांप्रदायिकता का बीज बोने के जिम्मेदार है।
हैदराबाद में हाल में हुए बम विस्फोटों की घटना को लेकर विपक्ष द्वारा लाए गए कामरोको प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए दासमुंशी ने कहा कि आडवाणी की रथयात्रा से ही देश में सांप्रदायिकता का बीज बोया गया और भाजपा ने कभी भी उड़ीसा में मिशनरी और उसके दोनों पुत्रों को चलाए जाने जैसी घटना की भर्त्सना नहीं की।
उन्होंने कहा कि यह संप्रग सरकार नहीं थी जिसने आतंकवादियों को जेल से छोड़ा तथा उन्हें अफगानिस्तान पहुँचाया। उन्होंने कहा कि पोटा और टाडा जैसे कानून भी रघुनाथ मंदिर, अमरनाथ यात्रियों, संसद पर हमले नहीं रोक सके। |
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