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सरकार पारमाणु मुदे पर आम सहमति पर यु कह सकते है कि ? सोचिये |
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वामपंथी दलों के बीच गुरुवार को संभावित बै क में परमाणु समझौते को लेकर कोई ोस रास्ता निकलने की उम्मीद की जा रही है. मनमोहनजी क्यों क्या कर रहे हैः आम जनता को कोई खबर नही , लगता है, कि सरकार को मायावती की दरकार है. NDTV Survye द्धारा तो परमाणु समझौते को लेकर सरकार में वापसी तय है,वाम तो गये , भाजपा जहाँ के तहाँ , मायावती सरकार के सर पर,
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के हवाले से कहा है, "संभावना है कि सरकार के निर्णय से गुरुवार को हमें औपचारिक रुप से अवगत करवाया जाएगा." तीन वामपंथी दल सीपीएम, सीपीआई और फॉरवर्ड ब्लॉक कह चुके हैं कि वे ऐसी किसी समिति के ग न होने की स्थिति में उसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं. अभी सिर्फ़ आरएसपी ने स्वीकृति नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि वह भी इसके लिए राज़ी हो जाएगा.सरकार चाहती है कि पाँच और छह सितंबर को संसद में परमाणु समझौते पर होने वाली चर्चा से पहले कोई रास्ता निकाल लिया जाए. एक संयुक्त समिति के ग न को इसके रास्ते के रुप में देखा जा रहा है.हालांकि मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी इस तरह की समिति के ग न के ख़िलाफ़ है. उसका कहना है कि यह सरकार और वामपंथी दलों भर का मामला नहीं है और इसके लिए संयुक्त संसदीय समिति का ग न होना चाहिए |