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सांसदजी को लोक अदालत बरी किया |
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राज्यसभा सांसद हेमामालिनी को कोटा नगर निगम के 50 हजार रुपए नहीं लौटाने के मामले में आरोपमुक्त कर दिया है।
हेमामालिनी पर आरोप था कि उन्होंने वर्ष 1997 में कोटा के दशहरा मेला के दौरान नृत्य नाटिका प्रस्तुत करने के लिए कोटा नगर निगम से अनुबंध किया था और इस अनुबंध के एवज में हेमामालिनी ने निगम से 50 हजार रुपए अग्रिम भी प्राप्त किए थे, लेकिन इस अनुबंध के बावजूद वे तय तिथि पर अपनी नृत्य नाटिका प्रस्तुत करने के लिए न तो कोटा आईं और न ही उन्होंने अग्रिम 50 हजार रुपए ही निगम को लौटाए।
इस पर कोटा नगर निगम के एक पूर्व पार्षद ने उनके खिलाफ लोक अदालत में एक याचिका दायर कर उनसे अग्रिम के रूप में लिए गए 50 हजार रुपए वापस लौटाने की माँग की थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभिनेत्री के अभिभाषक की दलील थी कि इस आयोजन की तिथि से पहले ही निगम प्रशासन और तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के मसले पर विवाद उत्पन्न हो गया और जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थता व्यक्त कर दी थी, जिस कारण निगम के अनुरोध पर हेमामालिनी कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए कोटा नहीं आईं। |