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प्रधानमंत्री = जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे मनमोहन राजनीतिक गतिरोध के बावजूद भारत इस दिशा में आगे बढ़ेगा तथा जापान से भी सहयोग लेगा , जापान भारत का समर्थन करेगा.
साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि परमाणु समझौते को लेकर जिस तरह का राजनीतिक गतिरोध भारत में क़ायम हुआ है, उसमें से कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा. भारतीय प्रधानमंत्री ने यह बात जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे के साथ दिल्ली में बुधवार को एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में कही. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि परमाणु समझौते के मसले पर जब भारत नाभिकीय आपूर्ति समूह (एनएसजी) में जाएगा तो वहाँ जापान भारत का समर्थन करेगा. ग़ौरतलब है कि जापान एनएसजी के 45 सदस्य देशों में से एक है और भारत को जापान का समर्थन भारत के हित में हो सकता है. इससे पहले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भारतीय संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जापान और भारत के रिश्ते महत्वपूर्ण हैं और जापान इन्हें और प्रगाढ़ करने का इच्छुक है. गतिरोध को जवाब भारतीय प्रधानमंत्री के इस ताज़ा बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं और जानकार इसे पिछले कुछ दिनों से परमाणु समझौते पर क़ायम गतिरोध के जवाब के तौर पर देख रहे हैं.  |  प्रधानमंत्री ने राजनीतिक गतिरोध पर सीधे असंतुष्टों से बातचीत करने के बजाए जापान प्रधानमंत्री के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बयान देकर एक स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत सरकार इस समझौते पर आगे बढ़ने जा रही है  ज्योति मल्होत्रा, वरिष् भारतीय पत्रकार |
प्रधानमंत्री ने परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने की बात ऐसे समय में कही है जब वामदलों की ओर से लगातार यह दोहराया जा रहा है कि परमाणु समझौते के मुद्दे पर क़ायम गतिरोध को ख़त्म करने के लिए बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब भारत सरकार इस समझौते पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगाए. वरिष् पत्रकार ज्योति मल्होत्रा इस बाबत कहती हैं, "प्रधानमंत्री ने राजनीतिक गतिरोध पर सीधे असंतुष्टों से बातचीत करने के बजाए जापान प्रधानमंत्री के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बयान देकर एक स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत सरकार इस समझौते पर आगे बढ़ने जा रही है." ग़ौरतलब है कि वामदल अमरीकी हाईड एक्ट के तहत परमाणु समझौते को लेकर लगातार अपनी आपत्ति जताते आ रहे हैं और उनका कहना है कि भारत सरकार इस समझौते पर अपनी स्थिति स्पष्ट करके ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) और एनएसजी से बातचीत करे. ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान एनएसजी के सदस्य देश, जापान के प्रधानमंत्री के साथ आना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है. News- BBC-hindi |