१२३ परमाणु समझौते पर सरकार सकते में है ,विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मोर्चा सम्भाला वामपंथी दलों को बंगला मे मनाने की कोशिश , कोई भी चुनाव नही चहता है , भाजपा का डर भी है
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पोलित ब्यूरो की बै क के बाद पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने जैसे ही परमाणु समझौते को राष्ट्रहित के ख़िलाफ़ करार दिया, विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग बंधन (एनडीए) ने भी सरकार पर हमले तेज़ कर दिए. इस बीच अमरीका में भारत के राजूदत रोनेन सेन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि बुश प्रशासन ने यह सफाई दी है कि परमाणु परीक्षण की स्थिति में समझौता अपने आप रद्द नहीं होगा. उनका कहना था कि अमरीका ने स्वीकार किया है कि भारत को परमाणु परीक्षण करने का अधिकार है. भारतीय राजदूत ने बताया कि बुश प्रशासन की ओर से बार-बार यह कहा गया है कि परमाणु समझौता मामले में अमेरिका का रुख वही है जो उच्च स्तर पर पहले जताया गया था. रोनेन सेन ने कहा कि बुश प्रशासन ने फिर स्पष्ट किया है कि भारत के पास परमाणु परीक्षण करने का और अमेरिका को इस पर प्रतिक्रिया देने का अधिकार है, लेकिन प्रतिक्रिया का यह मतलब नहीं है कि इससे सभी प्रकार के सहयोग ख़ुद ब ख़ुद निलंबित हो जाएंगे. कांग्रेस की मुहिम परमाणु समझौते पर वामपंथी दलों के कड़े रूख़ के बाद सत्तारूढ़ यूपीए के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस पार्टी की कोर ग्रुप की बै क शुरू हो गई जिसमें ताज़ा राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई.  | | | कांग्रेस पार्टी ने यूपीए घटक दलों से बातचीत शुरू कर दी है |
बै क लगभग डेढ घंटे तक चली जिसमें विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने समझौते की बारीकियों से नेताओं को वाकिफ़ कराया. इससे पहले मुखर्जी ने विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाक़ात की जिन्होंने परमाणु समझौते के क्रियान्वयन पर रोक लग जाने के क्या सामरिक परिणा होंगे, इस बारे में उन्हें अवगत कराया. ऐसी भी ख़बरें हैं कि कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर यूपीए के अन्य घटल दलों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जहाँ डीएमके नेता करुणानिधि से बातचीत की, वहीं प्रियरंजन दासमुंशी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता लालू प्रसादय यादव से इस मसले पर बात की है. एनडीए की चुनौती वहीं विपक्षी एनडीए के संयोजक जॉर्ज फ़र्नाडिंस ने एक बार फिर तल्ख़ लहजे में कहा कि अगर वाम दल वाकई इस परमाणु समझौते से खिन्न हैं, तो उन्हें कोई ोस फ़ैसला करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी दल किसी भी सूरत में सरकार को बाहर से समर्थन देने के फ़ायदे उ ाना बंद नहीं करेंगे और उनका विरोध महज एक दिखावा है.  |  अब सही वक्त आ गया है कि लेफ्ट सरकार से समर्थन वापस ले लें  भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा |
भाजपा के वरिष् नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि अब वामपंथियों के लिए भौंकने का नहीं काटने का वक्त आ गया है. उनका कहना था, "अब सही वक्त आ गया है कि लेफ्ट सरकार से समर्थन वापस ले लें." उनका यह बयान उस वक्त आया है जब सीपीएम पोलित ब्यूरो ने एक प्रस्ताव पारित कर करार को अस्वीकार्य बताया और सरकार से माँग की कि वह संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था यानी आईएईए के साथ सुरक्षा मानकों पर बातचीत को आगे नहीं बढ़ाए. पोलित ब्यूरो की बै क के बाद माकपा नेता प्रकाश करात और सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात कर उन्हें अपने पक्ष से अवगत कराया. प्रकाश कारत ने स्पष्ट किया कि इस मसले पर सरकार से समर्थन वापस लिया जाए या नहीं यह अब यूपीए पर निर्भर करता है. |