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बिहार मुज्फ्फरपुर के सासदजी फ़र्नांडीज़ का बयान भारी पडा |
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संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने एनडीए के संयोजक जार्ज़ फ़र्नांडीज़ के प्रधानमंत्री के संबंध में दिए गए बयान की निंदा करते हुए इसे उकसाने वाली हरकत बताया.
हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. लोकसभा अध्यतक्ष सोमनाथ चटर्जी ने विपक्ष की मांग को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि किसी अन्य देश के साथ हुए समझौते पर सरकार को निर्देश देने का अधिकार संसद के पास नहीं है.विपक्ष की मांग है कि सरकार 123 परमाणु समझौते में संशोधन के लिए फिर से विचार करे और इस पर संसद मे नियम 184 के तहत चर्चा कराई जाए.नियम 184 के तहत सदन में चर्चा के साथ मतदान का भी प्रावधान है.लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे किसी समझौते पर नियम 184 के तहत सदन में कभी चर्चा नहीं हुई. उन्होंने इसे सरकार का विशेषाधिकार बताते हुए संसद के अधिकारक्षेत्र से बाहर बताया. फ़र्नांडीज़ के बयान पर हंगामा हालांकि संसद में शुक्रवार का दिन परमाणु करार पर चर्चा के लिए निर्धारित नहीं था. संसद में सोमवार को इस पर बहस होने की संभावना है. इस सब के बीच संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने एनडीए के संयोजक जार्ज़ फ़र्नांडीज़ के प्रधानमंत्री के संबंध में दिए गए बयान की निंदा करते हुए इसे उकसाने वाली हरकत बताया. जिसके बाद संसद में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. फ़र्नांडीज ने गुरूवार को एक अख़बार को दिये इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा था कि अगर चीन के प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई समझौता किया होता तो वहाँ की व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री को गोली मार दी जाती. दासमुंशी ने फ़र्नाडीज़ से इस बयान के लिए माफ़ी मांगने या इसे बयान वापस लेने की मांग की. इस पर दोनो ओर से शुरू हंगामे और शोर-शराबे को शांत न होता देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. BBC-hindi |