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'कामयाबी मिली, लेकिन चुनौतियाँ कम नहीं'
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज़ादी की 60 वीं वर्षगाँ पर कहा है कि तेज़ आर्थिक विकास ग़रीबी ख़त्म करने में मदद करेगी. उन्होंने किसानों के लिए नए कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की जिस पर 25 हज़ार करोड़ रूपए खर्च होंगे.
उनका पूरा भाषण सामाजिक क्षेत्र पर केंद्रित रहा. उन्होंने अपने संबोधन में पाकिस्तान या परमाणु समझौते का ज़िक्र नहीं किया. लाल क़िले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग बंधन (यूपीए) सरकार के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों की ज़िक्र किया लेकिन यह भी स्वीकार किया कि कई चुनौतियों से निपटना अभी बाकी है. उन्होंने कहा, "हम कुछ मामलों में लड़खड़ाए भी होंगे लेकिन हम लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे. आर्थिक विकास की तेज़ गति के बावजूद कई इलाक़ों में गुरबत हमें शर्मिंदा करती है. आज हम ग़रीबी हटाने का संकल्प लेते हैं." प्रधानमंत्री का कहना था कि ग़रीबी विकास के ज़रिए ही दूर हो सकेगी, "आज हम जिस रफ़्तार से अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, उतना इतिहास में कभी दर्ज नहीं हुआ. इसके ज़रिए ग़रीबी दूर करने का लक्ष्य पहुँच में है. इसके अलावा कोई और जादू की छड़ी नहीं है". |