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सरकार को घेरेगा तीसरा मोर्चा |
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राज्यसभा सांसद श्री अमर सिहं तीसरा मोर्चा के साथ कांग्रेस-गैर भाजपा राजनीति की हिमायत के साथ संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील ग बंधन (यूएनपीए) भले ही राष्ट्रपति चुनाव के ीक पहले हरकत में आया हो, लेकिन अब वह संसद में सरकार को घेरने की भी साझी रणनीति बनाएगा।
इस बीच, यूएनपीए के प्रमुख घटक सपा के अमर सिंह ने खम्माम में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी का इस्तीफा मांगा है। सपा महासचिव अमर सिंह और लोकसभा में सपा संसदीय दल के नेता प्रो. रामगोपाल यादव ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार और कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि भाजपा व राजग को भी आड़े हाथों लिया। सिंह ने कहा कि राजग केंद्र में सशक्त विपक्ष की भूमिका में विफल साबित हो रहा है, जबकि संप्रग-राजग दोनों की नीतियां अमेरिकापरस्त हैं। प्रधानमंत्री के संसद में बयान के बाद अमेरिका से हो रहा परमाणु समझौता सिर्फ शब्दों की लंफ्फाजी है। ऐसे में यूएनपीए संसद के आगामी सत्र में सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि नौ अगस्त को मोर्चा नेताओं की दिल्ली में बै क होगी, जिसमें सरकार को घेरने और उप राष्ट्रपति चुनाव में यूएनपीए प्रत्याशी के लिए मतदान की रणनीति बनाई जाएगी। सिंह ने कहा कि आंध्र प्रदेश के खम्माम में किसानों पर पुलिस फायरिंग में आ लोगों की जानें चली गई और कांग्रेस के राज्य प्रभारी महासचिव दिग्विजय सिंह उसे छोटी घटना बता रहे हैं। आंदोलनरत किसानों में ज्यादातर वामपंथी विचारधारा के थे, जबकि मुख्यमंत्री उन्हें माओवादी बता रहे हैं। सिंह ने कहा कि घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी को इस्तीफा दे देना चाहिए। सपा नेता ने यह भी कहा कि इस्तीफा न देने पर वामदलों की जिम्मेदारी है कि रेड्डी सरकार की बर्खास्तगी के लिए केंद्र सरकार को मजबूर कर दें। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आई बाढ़ में राज्य की मायावती सरकार की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, 'समरथ को नहिं दोष गुसार्ई'। फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन की ओर से बाराबंकी में जमीन दान करने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'मेरा नाम अमर सिंह है, अमिताभ बच्चन नहीं'।
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