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राष्ट्रपति डॉ. कलाम का विदाई संबोधन |
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भारत 2020 से पहले बन सकता है विकसित देश मंगलवार को राष्ट्रपति के तौर पर एपीजे अब्दुल कलाम का कार्यकाल पूरा हो गया और उन्होंने बुधवार को शपथ लेने वाली प्रतिभा पाटिल को शुभकामनाएँ दीं.
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन कर भारत वर्ष 2020 के पहले ही विकसित देश का दर्जा हासिल कर सकता है, लेकिन उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि आर्थिक विकास की दिशा में बढ़ते समय हमें देश की समृद्ध और गौरवपूर्ण सांस्कृतिक विरासत को सँजोकर रखना होगा।
डॉ. कलाम ने राष्ट्रपति के रूप में अपना पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर देशवासियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए अपने विदाई संबोधन में कहा कि देश के कोने-कोने में छोटे पैमाने पर ऐसे साहसपूर्ण और प्रेरणादायक प्रयोग चल रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहभागिता के साथ चलाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के काम में सभी लोगों और संस्थानों को शामिल करने की जरूरत है तथा समाज के हर तबके को सशक्त बनाने पर ध्यान देना होगा।
डॉ. कलाम ने कहा कि देश में शक्ति और उत्साह से सरोबार 54 करोड़ युवाओं की मौजूदगी तथा समाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों की अंतर्निहित ताकत से उन्हें भरोसा मिलता है कि भारत वर्ष 2020 से पहले ही विकसित देश बन सकता है।
राष्ट्रपति ने उन प्रेरणादायक घटनाओं का उल्लेख किया जिनके अपने कार्यकाल के दौरान देश के विभिन्न भागों का दौरा करते समय वह जिनके साक्षी रहे। हरियाणा के एक गाँव की बालिका अनुकृति के इस सवाल पर कि भारत वर्ष 2020 से पहले ही विकसित देश क्यों नही बन सकता, डॉ. कलाम ने कहा कि एक छोटी लड़की का यह कथन साबित करता है कि एक विकसित देश का सपना युवा वर्ग के मन मस्तिष्क पर छाया हुआ है।
डॉ. कलाम ने सियाचिन ग्लेशियर की यात्रा का अनुभव बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमारे जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। कोयम्बटूर में शारीरिक रूप से विकलांग एक व्यक्ति की जिजीविषा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शारीरिक बाधाओं से उबरते हुए यह व्यक्ति संत त्यागराज के भजनों की स्वरलहरी गुँजाता है।
उन्होंने कहा कि ये उदाहरण क िनाइयों पर विजय और दूसरों को सुरक्षित और खुश रखने के जज्बे का प्रतीक हैं। उन्होने कहा कि हमें ऐसे लोगों का ध्यान रखना होगा।
डॉ. कलाम ने देशवासियों को विकास का 10 सूत्री मंत्र भी दिया। ये सूत्र इस प्रकार हैं-
1. शहरों और गाँवों के बीच असमानता को लगभग खत्म करना।
2. देश में ऊर्जा और स्वच्छ पेयजल सभी को उपलब्ध कराना।
3. कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र के बीच सम्यक तालमेल।
4. देश में जीवन मूल्यों पर आधारित ऐसी शिक्षा प्रणाली होना जिसमें किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को आर्थिक या सामाजिक कारण से शिक्षा अवसर से वंचित नहीं होना पड़े।
5. ऐसा देश बने जिसमें सर्वश्रेष् विद्वान, वैज्ञानिक और निवेशकर्ता आना चाहें।
6. ऐसा देश जिसमें सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ सभी को उपलब्ध हों।
7. प्रशासन जिम्मेदार, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो।
8. गरीबी और अशिक्षा से पूरी तरह मुक्त ऐसा देश हो जहाँ महिलाओं और बच्चों के खिलाफ कोई अपराध न हो तथा कोई भी तबका अलग-थलग महसूस नहीं करे।
9. सतत आर्थिक वृद्धि की राह पर चलने वाला ऐसा देश बने जो समृद्ध, स्वस्थ, सुरक्षित, शांतिपूर्ण और खुशहाल हो।
10. एक ऐसा देश बने जो दुनिया में रहने की सबसे अच्छी जगह हो तथा लोगों को अपने नेताओं पर फख्र हो। sourec . webdunia hindi |