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मतदान में प्रतिभा पाटिल भारी . शेखावत पिछडे् , कलाम की विदाई की तैयारी |
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राष्ट्रपति चुनाव में 682 सांसदों ने वोट डाले , राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा कि वे सिर्फ दो सूटकेसों के साथ ही राष्ट्रपति भवन से विदा होंगे।
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राष्ट्रपति चुनाव का रंग प्रतिभा पाटिल के पोलिंग एजेंट प्रियरंजन दासमुंशी का यह दावा हकीकत के काफी करीब लगता है कि संप्रग-वाम उम्मीदवार भारी, बहुत भारी और बहुत ही भारी जीत हासिल करेंगी।
अब शनिवार 21 जुलाई को मतपेटियाँ खुलने पर यह देखना दिलचस्प होगा कि तमाम कोशिशों के बावजूद शेखावत तीसरे मोर्चे के अलावा संप्रग में किस हद तक सेंध लगाने में सफल हुए।
जयललिता की अन्नाद्रमुक और वाइको की अगुवाई वाले एमडीएमके द्वारा आज अचानक पैंतरा बदलकर शेखावत के पक्ष में मतदान करने से उत्साहित उनकी प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने दावा किया था कि अभी तो यह शुरूआत है और शाम होते-होते तीसरे मोर्चे के अन्य दलों के मतदाता भी उपराष्ट्रपति के पक्ष में वोट डालेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
शेखावत की उम्मीदवारी के दिन से ही राजग में गड़बड़ियां शुरू हो गई थी। पहले भाजपा के सबसे पुराने और समान विचारधारा वाले सहयोगी दल शिवसेना ने प्रतिभा को समर्थन देने की घोषणा की, जैसे यही काफी नहीं था।
उसके एक और सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव में हिस्सा न लेकर उसको दूसरा झटका दिया। यही नहीं, कर्नाटक में भाजपा के सहयोग से सरकार चला रहे जनता दल (एस) ने भी शेखावत को समर्थन देने से बचते हुए चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।
शेखावत और राजग की परेशानियाँ यहीं खत्म नहीं हुई। बताया जाता है कि गुजरात में वहां के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए कुछ असंतुष्ट विधायकों ने शेखावत की बजाए प्रतिभा पाटिल के पक्ष में मतदान किया।
प्रतिभा पाटिल के खिलाफ तीखा अभियान छेड़ने वाले और अब तक शेखावत की जीत का दावा करते आ रहे भाजपा के वरिष् नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज संसद भवन पहुँचने पर सिर्फ इतना कहा हमारा प्रदर्शन बढ़िया रहेगा। उन्होंने इस मौके पर जीत का कोई दावा नहीं किया।
मतदान करने आए राजग अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने इन सवालों पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी कि प्रतिभा पाटिल के खिलाफ चलाया गया तीखा प्रचार उचित था या क्या शेखावत राजग की बेहतर पसंद थे। राजग में बिखराव के बारे में उन्होंने सिर्फ इतना कहा फिर सब एक हो जाएँगे।
राष्ट्रपति चुनाव के लिये 88.5 प्रतिशत सांसदों ने और 91 प्रतिशत विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी लोकसभा के महासचिव पीआर अचारी ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए 776 सांसद मतदाता है। इस समय इनकी प्रभावी संख्या 770 है, जिसमें से दिल्ली में 711 को संसद भवन स्थित मतदान केन्द्र में मत देना था।
इसके अलावा प्रदेश की राजधानियों में 59 सांसदों को अपने मताधिकार का उपयोग करना था। जबकि संसद स्थित मतदाता केन्द्र में 711 में से 636 ने और राज्यों की राजधानियों में 59 में से 46 सांसदों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
उन्होंने बताया कि सांसदों का मतदान प्रतिशत 88.5 रहा। नौ राज्यों में सौ प्रतिशत मतदान हुआ। राज्यों में विधायकों ने कुल 91 प्रतिशत मतदान किया। देश भर में विधायकों की कुल संख्या 4120 हैं, जिनमें से 3755 ने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान किया। गौरतलब है कि तीसरे मोर्चे के अधिकतर घटक दलों के राष्ट्रपति चुनाव से दूर रहने के फैसले के कारण इन दलों के लगभग 71 सांसदों ने मतदान नहीं किया।
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा कि वे सिर्फ दो सूटकेसों के साथ ही राष्ट्रपति भवन से विदा होंगे।
भारत को 2020 तक विकसित देश के रूप में देखने के इच्छुक भावुक राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने गुरुवार को कहा कि वे सिर्फ दो सूटकेसों के साथ ही राष्ट्रपति भवन से विदा होंगे।
राष्ट्राध्यक्ष के रूप में संभवत: आखिरी सार्वजनिक समारोह में शामिल होते हुए कलाम ने देशवासियों को सलाह दी कि वे ऐसे उपहारों से दूर रहें, जो किसी उद्देश्य से दिए जाते हों।
इसके अलावा उन्होंने देशवासियों से अच्छे मूल्य वाली व्यवस्था एवं चरित्रवान परिवारों का निर्माण करने को कहा। भारतीय इस्लामी सांस्कृतिक केंद्र (आईआईसीसी) में अपने संबोधन में कलाम ने कहा गौरवपूर्ण पाँच साल बिताने के बाद मैं 25 जुलाई को राष्ट्रपति भवन से विदा हो जाऊँगा। मुझे वहाँ दो छोटे सूटकेस मिले है और इसी के साथ मेरी विदाई होगी।
उन्होंने अपना बयान ऐसे दिन दिया है जब उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए चुनाव हो रहे हैं और उनकी इस बात की काफी सराहना हुई।
राष्ट्रपति कलाम ने कहा कि दो सूटकेसों के अलावा उनके पास किताबों का बड़ा भंडार है और उसे वे साथ ले जाएँगे। कलाम ने कहा मैं किताबों को अपने साथ ले जाऊँगा, वे मेरी अपनी है।
अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी योजना तमिलनाडु के अन्ना विश्वविद्यालय में पढ़ाने की है। इस मौके पर कलाम ने याद किया कि किस प्रकार उनके पिता ने उन्हें कोई उपहार स्वीकार करने से मना किया था।
उन्होंने कहा कि कल मुझे एक जाने-माने व्यक्ति ने दो कलम उपहार में दिए, लेकिन मुझे वह लौटाना पड़ा। इस अवसर पर उन्होंने प्राचीन हिंदू संहिता मनुस्मृति का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार उपहार स्वीकार करने से शरीर की परालौकिक शक्ति विलुप्त हो जाती है।
कलाम ने कहा कि आर्थिक रूप से विकसित कई देश हैं जो खुशहाल नहीं हैं, लेकिन हमारे पास अच्छी मूल्य व्यवस्था है। इसके अलावा हमें समृद्ध विरासत है। |